Home मुख्य ख़बरें दिल्ली ब्लास्ट जांच में बड़ा अपडेट: घटनास्थल से मिले 9MM के तीन...

दिल्ली ब्लास्ट जांच में बड़ा अपडेट: घटनास्थल से मिले 9MM के तीन कारतूस, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

121
0

लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को एक और महत्वपूर्ण क्लू मिला है। सूत्रों के अनुसार, घटना वाली जगह से 9MM कैलिबर के तीन कारतूस बरामद किए गए हैं—दो जिंदा और एक खाली। यह जानकारी सामने आने के बाद जांच दल और भी सतर्क हो गया है, क्योंकि कारतूसों का मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जली हुई कार के पास कोई हथियार बरामद नहीं हुआ, जबकि गोलियां मिल गईं। अब जांच दल यह समझने की कोशिश कर रहा है कि बिना हथियार के कारतूस वहां कैसे पहुंचे और उनका इस हादसे से क्या संबंध है।

9MM कारतूस आम लोगों के पास क्यों नहीं होते?

जांच सूत्रों के मुताबिक 9MM कैलिबर के कारतूस सामान्य नागरिकों को उपलब्ध नहीं होते। इन्हें रखने की अनुमति सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों, पुलिस बल या विशेष अनुमति प्राप्त व्यक्तियों को ही होती है। इस वजह से सवाल और गहरा हो गया है कि दिल्ली के इतने संवेदनशील इलाके में यह कारतूस पहुंचे कैसे?

कारतूस मिले लेकिन हथियार गायब—जांच और उलझी

घटनास्थल पर कोई पिस्तौल, हथियार का हिस्सा, या कोई मैगज़ीन नहीं मिली। यानी गोलियां मौजूद थीं, लेकिन उन्हें चलाने वाला हथियार नहीं। इससे दो संभावनाएँ जांच के सामने हैं—

1. कारतूस पहले से ही किसी वजह से वहां मौजूद थे

2. या फिर किसी ने घटना के बाद उन्हें वहाँ डाल दिया

दोनों ही स्थितियाँ जांच को और जटिल बनाती हैं।

ड्यूटी स्टाफ के हथियारों की जांच पूरी

मौके पर मौजूद सभी सुरक्षाकर्मियों के हथियारों और उनके कारतूसों की विस्तृत जांच की गई है। रिपोर्ट के अनुसार किसी भी स्टाफ के हथियार से कारतूस गायब नहीं है, जिससे साफ है कि बरामद गोलियां किसी बाहरी स्रोत से आई थीं।

उमर नबी के मूवमेंट का रीक्रिएशन

सूत्रों के अनुसार, ब्लास्ट को अंजाम देने वाला आतंकी डॉ. उमर नबी हमले से पहले दिल्ली में कई जगहों पर गया था। उसकी गतिविधियों को समझने के लिए सुरक्षा एजेंसियां उसका पूरा रूट रीक्रिएट कर रही हैं।

29 अक्टूबर को वह फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से कार लेकर निकला

10 नवंबर को ब्लास्ट तक उसकी गाड़ी 50 से ज्यादा CCTV फुटेज में दिखी

अब सभी फुटेज को जोड़कर एक विस्तृत टाइमलाइन और रूट मैप तैयार किया जा रहा है

इस रीकंस्ट्रक्शन में यह पता लगाया जा रहा है कि:

रास्ते में कोई उससे मिला?

कोई उसका पीछा कर रहा था?

या किसी ने हमले में उसकी मदद की?

इसके अलावा उमर ने दिल्ली-एनसीआर में कितने घंटे बिताए, किन-किन लोकेशनों पर गया—इन सभी बिंदुओं को जोड़कर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here