हनुमान प्रसाद यादव
जनकपुर।(एमसीबी): करीब एक वर्ष से लापता युवक राजकुमार पिता रामप्रसाद (19 वर्ष), निवासी बडवाही घुघरीपारा को जनकपुर पुलिस ने जीवित तलाश कर बड़ी सफलता हासिल की है। प्रकरण इतना गंभीर हो चुका था कि परिजनों को युवक की हत्या की आशंका होने लगी थी, यहां तक कि मध्यप्रदेश के ग्राम बेल्ली (थाना गोहपारू) में शव उत्खनन तक की कार्यवाही भी की गई, जो निष्फल रही।
मामला इस प्रकार है कि 12 अगस्त 2025 को पीड़िता गुड्डी पनिका ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका बेटा राजकुमार 17 नवंबर 2024 को छोटू बैगा के साथ घर से मेरठ काम करने जाने की बात कहकर निकला था। छोटू बैगा तो वापस आ गया, परंतु राजकुमार का कोई पता नहीं चला। छोटू बैगा भी पूरा विवरण नहीं बता रहा था, जिससे संदेह और गहरा गया। पुलिस ने गुम इंसान क्रमांक 22/2025 दर्ज कर जांच शुरू की।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज तथा पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह द्वारा लगातार निगरानी की गई। एसडीओपी अलेक्सुस टोप्पो के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी जनकपुर और उनकी टीम ने हर पहलू पर गहन जांच की। परिजन की आशंका पर मध्यप्रदेश के गोहपारू क्षेत्र में संदिग्ध स्थान पर उत्खनन भी किया गया, पर कोई सबूत नहीं मिला। संदेही छोटू बैगा के ब्रेन मैपिंग एवं पॉलीग्राफी टेस्ट हेतु न्यायालय में प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया गया था।
इसी दौरान पुलिस को मुखबिरों से सूचना मिली कि राजकुमार अपने भाई कमलेश के ससुराल ग्राम बरनानिगई, थाना ब्यौहारी जिला शहडोल में मौजूद है। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया और कमलेश के साथ मिलकर जयसिंहनगर रोड पर राजकुमार को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया।
लगभग मृत मान लिया गया युवक जीवित मिलने से परिवार में खुशी की लहर है।
इस पूरी कार्यवाही में थाना प्रभारी ओमप्रकाश दुबे, प्रधान आरक्षक संदीप बागीस, संजय पांडे, आरक्षक सूर्यपाल तथा विष्णु यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन और टीम की मेहनत का ही परिणाम है कि एक वर्ष से लापता युवक सुरक्षित मिल गया।









