जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जिला जांजगीर-चांपा जांजगीर चांपा में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारंभ हो चुकी है। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को बेहतर सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस बार खरीदी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे 19 नवंबर को खरौद उपार्जन केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने संपूर्ण धान खरीदी व्यवस्था की जमीनी हकीकत का निरीक्षण किया।
किसानों के सम्मान का संदेश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर महोबे ने धान बेचने पहुंचे एक किसान का फूलमाला पहनाकर और श्रीफल भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। यह न केवल सम्मान का प्रतीक था, बल्कि सरकार की किसान-सम्मान नीति का एक सशक्त संदेश भी। किसान के साथ सीधा संवाद कर कलेक्टर ने खरीदी प्रक्रिया, दिक्कतों, सुविधाओं तथा केंद्र की व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी ली, जिससे यह संदेश स्पष्ट हुआ कि प्रशासन किसानों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनके समाधान को प्राथमिकता दे रहा है।
खरीदी व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा
कलेक्टर महोबे ने उपार्जन केंद्र में आवश्यक सभी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की। विशेषकर—
बारदाना उपलब्धता
इंटरनेट सुविधा
पेयजल व छाया व्यवस्था
बिजली की सुचारु उपलब्धता
चबूतरा एवं पहुंच मार्ग की स्थिति
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी पंजीकृत किसान को शिकायत का मौका न मिले। खरीदी कार्यवाही पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और सुचारु हो, यह जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
पारदर्शिता और समयबद्धता पर विशेष जोर

कलेक्टर ने कहा कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप खरीदी कार्य की मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि weighing, token system और payment प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित और त्रुटिरहित हो, ताकि किसानों को अनावश्यक प्रतीक्षा या परेशानी का सामना न करना पड़े।
अधिकारियों की मौजूदगी और सक्रियता
निरीक्षण के दौरान जिला खाद्य अधिकारी श्री कौशल साहू सहित संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर की मौजूदगी से अधिकारियों ने भी खरीदी प्रक्रिया को और बेहतर ढंग से संचालित करने का भरोसा दिया।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे का यह निरीक्षण केवल एक औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि किसानों के हितों को प्राथमिकता पर रखकर प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत
कलेक्टर जन्मेजय महोबे का यह निरीक्षण केवल एक औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि किसानों के हितों को प्राथमिकता पर रखकर प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने का महत्वपूर्ण प्रयास था। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की खरीदी प्रक्रिया जिले में सुचारु रूप से चले और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो—इसी लक्ष्य को लेकर जिला प्रशासन लगातार सक्रिय दिखाई दे रहा है।
यह निरीक्षण जिले के किसानों के लिए भरोसा बढ़ाने वाला कदम है, जो यह दर्शाता है कि शासन और प्रशासन दोनों मिलकर किसानों के जीवन को सरल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।









