हर साल 21 नवंबर को विश्व दूरदर्शन दिवस (World Television Day) मनाया जाता है। यह दिन उस माध्यम को समर्पित है, जिसने न सिर्फ सूचना और मनोरंजन की दुनिया को बदला, बल्कि शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक बदलाव में भी अहम भूमिका निभाई।
दूरदर्शन सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि यह लोगों को जोड़ने और समाज को दिशा देने का जरिया बना। भारत में 15 सितंबर 1959 को दूरदर्शन की शुरुआत हुई थी, और तब से यह लाखों दिलों की धड़कन बना हुआ है।
टीवी ने समय के साथ अपने स्वरूप को बदला है—श्वेत-श्याम से रंगीन, फिर डिजिटल और अब स्मार्ट टीवी तक का सफर यह बताता है कि कैसे यह माध्यम लगातार प्रासंगिक बना हुआ है।
विश्व दूरदर्शन दिवस हमें यह याद दिलाता है कि आज भी जब इंटरनेट और मोबाइल के दौर में बहुत कुछ बदल गया है, तब भी टीवी का प्रभाव और पहुंच बरकरार है। यह दिन दूरदर्शन के महत्व और उसकी जिम्मेदारी को समझने का अवसर है।









