रायपुर संवाददाता – रघुराज
रायपुर, 21 नवम्बर। राजधानी रायपुर के उरला थाना क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। तेज रफ्तार ट्रक ने दूध बेचकर घर लौट रहे एक व्यवसायी को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों में आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए। लोगों ने सड़क पर जाम लगाकर ट्रक चालक की गिरफ्तारी की मांग की।
जानकारी के अनुसार मृतक व्यवसायी की पहचान 55 वर्षीय मेघनाथ यादव के रूप में हुई है, जो बेमेतरा जिले के ग्राम बोरसी का निवासी था। वह हर दिन सुबह-सुबह दूध लेकर रायपुर शहर आता था और विभिन्न क्षेत्रों में दूध की सप्लाई करता था। दुग्ध व्यवसाय से जुड़े मेघनाथ यादव अपनी सादगी और मेहनती स्वभाव के लिए जाने जाते थे। लेकिन शुक्रवार की यह सुबह उनके परिवार और समुदाय के लिए हमेशा के लिए काली साबित हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब मेघनाथ यादव अपनी डिलीवरी पूरी कर वापस अपने घर लौट रहे थे। उरला के औद्योगिक क्षेत्र के पास अचानक पीछे से आ रहे रेत से लदे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा बढ़ता गया। लोगों ने मुख्य सड़क को जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना मिलते ही उरला थाना प्रभारी सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ट्रक को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश में टीमें लगाई गई हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्राथमिक जांच में यह पता चला है कि ट्रक चालक तेज गति से जा रहा था और उसने वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिसके चलते यह दुखद हादसा हुआ। मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले में धारा 304A (लापरवाही से मृत्यु) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
हादसे की खबर जैसे ही मृतक के घर बोरसी गांव पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चे रो-रोकर बेसुध हो गए। गांव के लोगों का कहना है कि मेघनाथ यादव रोज मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी असामयिक मृत्यु ने सबको झकजोर कर रख दिया है। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय नेताओं ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
इस हादसे ने एक बार फिर शहर में अनियंत्रित रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग की समस्या को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और भारी वाहनों पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है। उरला थाने के अधिकारी ने भरोसा दिलाया है कि दोषी चालक को जल्द ही गिरफ्तार कर न्यायिक कार्रवाई की जाएगी।









