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पेपर लीक और भ्रष्टाचार में बड़ी कार्रवाई: रायपुर से दो अधिकारी गिरफ्तार, ACB-EOW की छापेमारी से हड़कंप

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रायपुर संवाददाता – रघुराज

रायपुर, 21 नवम्बर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने शुक्रवार को एक बड़ा खुलासा किया है। दो दिन पहले किए गए राज्यव्यापी छापों के बाद अब रायपुर से दो सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। इन अधिकारियों पर गंभीर आरोप हैं कि उन्होंने मोटी रकम लेकर परीक्षा का पेपर लीक किया और उम्मीदवारों को अवैध तरीके से परीक्षा में पास कराने की साजिश रची।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए दोनों अधिकारी रायपुर के आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालय में पदस्थ हैं। इनमें सहायक सांख्यिकी अधिकारी वीरेंद्र जाटव और हेमंत कौशिक शामिल हैं। दोनों पहले पटवारी के पद पर कार्यरत थे और हाल ही में पदोन्नति पाकर आरआई बने थे। आरोप है कि दोनों ने अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल करते हुए रिश्वत लेकर परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी की और कुछ उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाया।

ज्ञात हो कि 19 नवम्बर की तड़के एसीबी-ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीम ने रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, धमतरी, बेमेतरा, राजनांदगांव और कबीरधाम समेत सात जिलों में एक साथ 19 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान कई दस्तावेज, नकदी और संपत्ति का ब्योरा बरामद किया गया। टीम ने यह कार्रवाई उन शिकायतों के आधार पर की थी जिनमें अनियमित नियुक्तियों, अवैध कमाई और परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी मिली थी।

छापेमारी में जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम सामने आए, उनमें कई ऐसे हैं जो हाल ही में राजस्व विभाग और भू-अभिलेख कार्यालय से जुड़े पदों पर पदस्थापित किए गए थे। जांच में यह पाया गया कि कुछ अधिकारियों ने निजी कोचिंग संचालकों और मध्यस्थों से सांठगांठ कर भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित किया। बताया जा रहा है कि गिरोह ने लाखों रुपए लेकर प्रश्नपत्रों की गुप्त जानकारियां लीक कीं, जिससे कई अभ्यर्थी अनुचित लाभ प्राप्त कर सके।

ACB और EOW के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि दोनों गिरफ्तार अधिकारियों से लम्बी पूछताछ की जा रही है। उनके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज, मोबाइल चैट और बैंक ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड भी जब्त किया गया है। प्रारंभिक जांच से यह भी सामने आया है कि ये अधिकारी लंबे समय से अवैध संपत्ति अर्जित कर रहे थे। कुछ संपत्तियां उनके परिजनों और परिचितों के नाम पर खरीदी गई थीं।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक आने वाले दिनों में और कई अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। जांच में जिन-जिन के नाम सामने आएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसीबी-ईओडब्ल्यू ने साफ किया है कि सरकारी तंत्र में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस पूरी कार्रवाई के बाद प्रदेश भर के सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मच गया है। कई विभागों में सतर्कता बढ़ा दी गई है और कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। आम लोगों और युवाओं के बीच भी यह चर्चा है कि इस तरह की कार्रवाइयों से परीक्षा और भर्ती प्रणालियों में पारदर्शिता आएगी तथा योग्य उम्मीदवारों को न्याय मिलेगा।

प्रदेश सरकार ने भी संकेत दिए हैं कि भ्रष्टाचार से जुड़े हर अधिकारी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

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