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परखंदा में सहकारिता सप्ताह का भव्य समापन, रजत जयंती उत्सव में बुनकरों और सहकारी समितियों ने दिखाई एकजुटता

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रिपोर्ट-खिलेश साहू

अखिल भारतीय सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत ग्राम पंचायत परखंदा में आयोजित रजत जयंती उत्सव एवं समापन समारोह पूरे गरिमा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। देशभर में सहकारिता आंदोलन के मजबूत होते स्वरूप के बीच कुरूद क्षेत्र का यह आयोजन बुनकर हितग्राहियों, सहकारी समितियों और स्थानीय नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी के कारण विशेष रूप से चर्चित रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि टिकेश साहू, सरपंच नवागांव एवं अध्यक्ष, जनभागीदारी समिति, संत गुरु घासीदास शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुरूद, ने सहकारिता की भारतीय परंपरा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बुनकर समाज की रीढ़ जैसी भूमिका पर विस्तृत विचार व्यक्त किए। उन्होंने क्षेत्रीय विकास में विधायक अजय चंद्राकर के निरंतर प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में बुनकरों को स्वरोजगार, प्रशिक्षण और आवास योजनाओं का व्यापक लाभ मिला है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. ए. एन. दीक्षित, पूर्व प्राचार्य, शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धमतरी, ने हथकरघा उद्योग के संरक्षण और उसे आधुनिक तकनीक से जोड़ने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित हथकरघा व बुनकर उन्नयन योजनाओं की जानकारी देते हुए हितग्राहियों को तकनीकी नवाचार अपनाने प्रेरित किया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में हरिशंकर साहू, अध्यक्ष सरपंच संघ कुरूद, तथा श्री योगेश कुमार साहू, सरपंच भोथली एवं संचालक आईटी अकैडमी कुरूद, सहित अनेक जनप्रतिनिधि और सहकारिता से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे। हथकरघा एवं सहकारिता क्षेत्र से श्री अवध राम देवांगन, सचिव, छत्तीसगढ़ बुनकर शिल्पी संघ, श्री पूर्णानंद चूरेंद्र, जिला हथकरघा अधिकारी, श्री सी.पी. साहू, प्राधिकृत अधिकारी, धमतरी, तथा कई सहकारी समितियों के अध्यक्ष एवं प्रतिनिधि शामिल हुए।

कार्यक्रम की मेजबानी कर रही विहान बुनकर सहकारी समिति, परखंदा की टीम—प्रबंधक लोकेश कुमार साहू और सक्रिय सदस्य तीलेंद्र साहू, अयोध्या प्रसाद, लिलेश्वर, सनातन, डीगेश्वर, किरण साहू, लिपिका साहू, रेवती मानिकपुरी और अंजू साहू—ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

समारोह का मुख्य उद्देश्य सहकारी समितियों की उपलब्धियों का सम्मान, बुनकर समुदाय की चुनौतियों पर सार्थक संवाद, तथा भविष्य की मजबूत सहकारी रणनीति का खाका तैयार करना रहा।
कार्यक्रम का समापन अतिथियों के सम्मान, आभार प्रदर्शन और सहकारिता की भावना को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सुदृढ़ करने के संकल्प के साथ हुआ।

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