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ओड़िशा से लाया जा रहा सवा लाख का धान पकड़ाया; दो पिकअप जप्त

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बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
 बकावंड एसडीएम मनीष वर्मा ने आधी रात पकड़ा यह मामला 
बकावंड। बस्तर कलेक्टर हरिस एस. के निर्देशन में बकावंड एसडीएम मनीष वर्मा ने करपावंड थाना क्षेत्र के धनपुर के जंगल में शुक्रवार देर रात अवैध रूप से धान परिवहन करते हुए कोचिया धर्नुजय यादव उर्फ धनंजय पिता सूर्यदेव यादव को धर दबोचा। वह दो पिकअप वाहनों से धान ले जा रहा था। उसके कब्जे से सवा लाख का धान बरामद किया गया है। दोनों पिकअप वाहन क्रमांक ओडी 24 एम 2487 एवं ओडी 24 बी 7669 को जप्त कर करपावंड पुलिस के सुपुर्द किया गया है। एसडीएम की इस कार्रवाई से कोचियों में हड़कंप मच गया है।
             मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बकावंड एसडीएम मनीष वर्मा गुरूवार एवं शुक्रवार की दरमियानी रात अपने क्षेत्र में निगरानी पर निकले थे। उन्हें सूचना मिली थी कि करपावंड थाना क्षेत्र के धनपुर के जंगल के रास्ते से धान का अवैध परिवहन किया जा रहा है। देर रात्रि दो पिकअप वाहन ओड़िशा की ओर से करपावंड की ओर आते दिखे। एसडीएम ने वाहनों को रोकने की कोशिश की तो दोनों पिकअप वाहन भागने लगे।एसडीएम ने पीछा कर दोनों पिकअप वाहनों को पकड़ लिया। चालकों के पास धान का परिवहन का कोई दस्तावेज नहीं था। बताया जा रहा है कि उक्त वाहन ओड़िशा से धान भरकर करपाव ड इलाके में किसी के पास छोड़ने आ रहे थे। बताया जा रहा है धान की खरीदी के पूर्व ही कोचियों को समझाईश दी जा चुकी थी। चंद रूपयों के लालच में कोचिया अपना नुकसान करा बैठा। एसडीएम मनीष वर्मा ने बताया कि धनपुर के समीप दो पिकअप वाहन अवैध रूप से धान परिवहन करते हुए पकड़े गए हैं। इन वाहनों से सवा लाख रुपए का 40 क्विंटल धान जप्त किया गया है।
उन्होंने बताया कि धान के अवैध परिवहन और विक्रय पर रोक लगाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
काम पर लौटे कर्मचारी
उधर अपनी 4 सूत्रीय मांगों को लेकर 20 दिनों से हड़ताल कर रहे जिले के सहकारिता कर्मचारी शासन के कड़े रूख के बाद काम पर वापस लौट आए हैं। सभी हड़ताली कर्मचारी शुक्रवार से ही काम पर लौट आए हैं और लेंपस सोसायटियों में धान खरीदी व्यवस्था संभाल चुके हैं। सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए एस्मा लगा दिया था। इसके बाद भी सहकारिता कर्मचारी हड़ताल पर डटे हुए थे। इसके बाद सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों की बर्खास्तगी जैसा सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया था। बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू होते ही कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। इससे पहले सरकार ने धान खरीदी की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए इंतजाम भी कर लिए थे।

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