जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जिला जांजगीर चांपा 36गढ़ अस्मिता में प्रकाशित खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा ने पीड़िता की शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए थाना बिर्रा में पदस्थ प्रधान आरक्षक अनिल सिंह अजगल्ले को कर्तव्य से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध प्राथमिक जांच की कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला पीड़िता से हुए मारपीट मामले में न्यायालय में चालान पेश करने के नाम पर प्रधान आरक्षक द्वारा कथित रूप से रुपयों की मांग की जा रही थी। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि पैसे नहीं देने पर चालान में स्कूटनी निकलवाकर उसे न्यायालय में समय पर प्रस्तुत न करने की धमकी दी जा रही थी।
शिकायत आवेदन पत्र पुलिस अधीक्षकश्री विजय पांडेय के संज्ञान में आते ही उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से प्रधान आरक्षक को थाना बिर्रा से हटाकर रक्षित केन्द्र (लाइन) भेजने का आदेश जारी किया। प्रारंभिक जांच टीम गठित कर आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है।

विजय पांडेय पुलिस अधीक्षक की इस त्वरित कार्रवाई से पीड़िता को राहत मिली है, वहीं जिले में पुलिस प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत हुआ है। मीडिया में प्रकाशित खबर और पीड़िता की शिकायत के आधार पर की गई यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और अनियमितता पर सख्त रुख दर्शाती है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी कठोर विभागीय कार्रवाई की संभावनाएँ बनी हुई हैं।









