जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जिला जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़ — चांपा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 13 एवं 14 के निवासियों ने गुरुवार, 27 नवंबर 2025 को बढ़ते अपराध, अवैध शराब कारोबार और असामाजिक गतिविधियों से उत्पन्न भयावह स्थिति को लेकर पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा, आबकारी विभाग, एसडीएम चांपा, एसडीओपी चांपा तथा थाना प्रभारी चांपा को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा।
स्थानीय महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों ने स्पष्ट कहा है कि घोघरनाला क्षेत्र लगातार अपराधों का केंद्र बनता जा रहा है, जिससे पूरा मोहल्ला असुरक्षित महसूस कर रहा है। प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि महिलाएं शाम होते ही घर से बाहर निकलने में डर रही हैं और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर संकट छा गया है।
निष्क्रिय थाना प्रभारी, खुलेआम शराब बिक्री—स्थिति विस्फोटक

वार्डवासियों ने ज्ञापन में कई गंभीर बिंदु उठाए हैं, जिसमें सबसे प्रमुख है थाना प्रभारी की पूर्ण निष्क्रियता।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि —
वार्ड में लगातार हो रहे अपराधों पर पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जा रही।
आरोपियों के खिलाफ न FIR दर्ज होती है, न ही गिरफ्तारी की कार्यवाही। जिसकी वजह से अवैध शराब खोरी धंधा जोरो से चल रहा
आबकारी विभाग एवं चांपा थाना के कोई ठोस कार्रवाई जिसके वजह से अवैध शराब कारोबार बेखौफ जारी है और पुलिस का कोई नियंत्रण नहीं दिखाई देता।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध शराब की वजह से रोज लड़ाई-झगड़े, मारपीट, लूटपाट,
गाली -गलौच और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ जैसी घटनाएं हो रही हैं।
दिनदहाड़े चाकू-बंदूक दिखाकर डराना, महिलाओं पर टिप्पणी—सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त
ज्ञापन में बताया गया है कि:
वार्ड में कुछ असामाजिक तत्व खुलेआम चाकू-छुरी लेकर लोगों को डराते, धमकाते और लूटपाट करते हैं।
कई लोगों के साथ जबरदस्ती करने की नीयत से भी घूमते रहते हैं
सिंगल महिलाओं, युवतियों और स्कूल जाने वाली बच्चियों को आए दिन रास्ते में परेशान किया जाता है।
प्राथमिक स्कूलों के सामने गाली-गलौज और शराब के नशे में अश्लील हरकतें आम हो गई हैं। बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है
यह स्थिति न सिर्फ कानून व्यवस्था की विफलता को दर्शाती है बल्कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक भयावह तस्वीर पेश करती है।
घोघरनाला—हत्याओं और जातिगत विवादों का नया केंद्र
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि:।
घोघरनाला एक भाजपा छूट भैया नेता जो इस घोघरनाला मोहल्ले अपनी कमीशन चक्कर से नरक बना दिया
घोघरनाला क्षेत्र में पिछले समय में कई हत्याएं हो चुकी हैं। जिसकी निष्पक्ष जांच नहीं और और न ही ठोस कार्यवाही जिसके वजह हौंसला बुलंद हो गए है
जातिगत विवाद पैदा कर लोगों को फंसाने, धमकाने और घर में घुसकर मारपीट करने की घटनाएं बढ़ रही हैं।
इसके बावजूद पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार की रोकथाम या कार्रवाई नहीं की गई, जो अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है।
नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की उदासीनता ने अपराधियों का मनोबल बढ़ा दिया है। जिससे महिला एवं बच्चे असुरक्षित महसूस कर रहे जीवन अस्त व्यस्त हो चला है
जनप्रतिनिधियों का समर्थन — महिलाओं की सामूहिक आवाज
चांपा नगर पालिका परिषद वार्ड 13 की महिला पार्षद श्रीमति संतोषी रात्रे, वार्ड 14 के पार्षद रामरतन साहू, पूर्व पार्षद अनिल रात्रे सहित दर्जनों महिलाओं—प्रेमा, आरती, सुरेखा, शारदा साहू, वर्षा, गोमती, ज्योति यादव, गंगा, मोहरमती, और अन्य—ने अपनी सामूहिक शक्ति के साथ ज्ञापन सौंपा।
महिलाओं ने साफ कहा कि अब उनकी सहनशक्ति जवाब दे चुकी है। यदि प्रशासन तुरंत कड़ी कार्यवाही नहीं करता, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है जिला जांजगीर कलेक्टर महोदय के सामने उग्र आंदोलन किया जायेगा।
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प्रशासन अब संज्ञान ले या जनता सड़कों पर उतरेगी?
वार्डवासियों ने मांग की है कि—
थाना प्रभारी को तत्काल जवाबदेही के दायरे में लाया जाए।
घोघरनाला क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर अवैध शराब बिक्री पर तत्काल रोक लगे।
असामाजिक तत्वों की गिरफ्तारियाँ की जाएँ और तलवार-छुरी लेकर घूमने वालों पर कठोर कार्रवाई हो।
स्कूलों के सामने गाली-गलौज व अश्लील हरकतों को रोकने नियमित पुलिस पेट्रोलिंग हो।
मोहल्ले को अपराध मुक्त घोषित कर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
नागरिकों का कहना है—
“हमारे वार्ड को भयमुक्त और अपराधमुक्त बनाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा से बड़ा कोई मुद्दा नहीं।”
अब पुलिस अधीक्षक महोदय की परीक्षा — कितना गंभीरता से लिया जाएगा यह ज्ञापन?
वार्डवासियों ने स्पष्ट कहा है कि अब पूरा मोहल्ला उम्मीद लगाकर पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा की तरफ देख रहा है। यदि इस गंभीर विषय पर कार्रवाई नहीं होती, तो प्रशासन की भूमिका पर बड़ा सवाल खड़ा होगा।
यह ज्ञापन न सिर्फ एक रिपोर्ट है, बल्कि एक समाज की पुकार है, जिसे अनदेखा करना किसी भी सूरत में उचित नहीं होगा।
अब यह देखना होगा कि पुलिस अधीक्षक महोदय और प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और वार्ड 13–14 को अपराध मुक्त कराने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।
चांपा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस एसडीओपी श्री यदुमणि सिदार जी कहना कि कुछ महिलाओं का आवेदन मिला उस पर टिम गठित करके जांच कराया जाएगा सही पाया जाता है तो उचित कार्यवाही किया जाएगा









