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जमीन गाइड लाइन वृद्धि के विरोध में कांग्रेस ने किया मुख्यमंत्री का पुतला दहन

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बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा

फैसले को तुरंत वापस ले सरकार: सुशील मौर्य 
तानाशाहीपूर्ण फैसले से जमीन कारोबार हो जाएगा खत्म: प्रेमशंकर शुक्ला 

जगदलपुर। प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर एवं ग्रामीण के संयुक्त तत्वावधान और शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य व ग्रामीण जिला अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला ग्रामीण के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं द्वारा जमीन गाइडलाइन में की गई वृद्धि के विरोध में संभाग मुख्यालय राजीव भवन के समक्ष मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन किया गया।
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा जमीन दरों की वृद्धि प्रदेश के विकास को रोकने वाला कदम है। पूरे देश में कहीं ऐसा नहीं हुआ कि एक साल में गाइडलाइन दरों में 130 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई हो। बड़े बड़े शहरों में भी दरें एक बार में केवल 10 से 15 प्रतिशत तक ही बढ़ाई जाती हैं। कांग्रेस शासनकाल में दी जाने वाली 30 प्रतिशत छूट को भाजपा सरकार समाप्त कर चुकी है और अब सरकारी मूल्य 10 से 100 प्रतिशत तक बढ़ाकर दरों को लगभग 40 से 130 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है। यह फैसला अदूरदर्शी है और इससे आम जनता पर भारी असर पड़ेगा। गाइडलाइन दर बढ़ने से मकान, दुकान, फैक्ट्री बनाने का खर्च बढ़ जाएगा। भूमि की खरीदी-बिक्री पर सीधा असर पड़ेगा, लेनदेन कम हो जाएगा और बेरोजगारी बढ़ेगी। सरकार का यह फैसला किसानों,जमीन कारोबारियों और उद्योग स्थापित करने वालों के हितों के खिलाफ है। कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार देने वाला रियल एस्टेट सेक्टर इस वृद्धि से बुरी तरह प्रभावित होगा और आने वाले समय में बेरोजगारी बढ़ने और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। किसान खेती जमीन खरीद नही पाएगा, न ही जरूरत पर जमीन बेच पाएगा। इसके कारण उद्योग नहीं लगेंगे।भवन निर्माण कार्य बंद होगा। सीमेंट, स्टील, रेत, गिट्टी, ईटा, सेनेटरी, हार्डवेयर, बिजली समान, फर्नीचर सेक्टर पर भी मंदी आयेगी, भवन निर्माण कार्य में लगे कुशल अकुशल श्रमिक भी बेरोजगारी संकट से जूझेंगे।

सरकार को भी राजस्व की हानि होगी। 30 लाख की जमीन के लिए 22 लाख की स्टांप ड्यूटी कोई सरफिरी या तुनकमिजाज सरकार ही लगा सकती है,जमीन की गाइड लाइन की दर बढ़ाने के पीछे सरकार का अपना भ्रष्टाचार का पैसा सफेद करना भी है। भाजपा सरकार के मंत्रियों ने तथा सरकार में बैठे सत्ताधीशों ने पिछ्ले दो सालों के भ्रष्टाचार की काली कमाई के पैसे को जमीन खरीदी में लगा दिया तथा काले धन की कमाई का सरकारी वैल्यू बढ़ाने गाइड लाइन की दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी कर दी गई है। ताकि काली कमाई के कच्चे के पैसे से खरीदी गई जमीन की गाइड लाइन दर बढ़ने के बाद मंहगी कीमत में बिक्री हो और उस पर प्रॉपर्टी गेन टेक्स पटाकर भ्रष्टाचार के पैसे को नम्बर एक करवा लिया जाए। यह सरकार भूमाफियाओं के अनुसार नियम कानून बना रही है। कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करती है इस फैसले को सरकार तत्काल रद्द करे, अन्यथा आगामी दिनों में कांग्रेस पार्टी उग्र आंदोलन करेगी। ग्रामीण जिलाध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार सिर्फ पूंजीपतियों की सरकार है। ये सरकार गरीबों को आगे बढ़ाने नहीं, उनको हमेशा दबाने का कार्य ही करती आई है। इस सरकार ने भूमि की गाइडलाइन दरों को इतनी तेजी से और इतनी ज्यादा बढ़ा दिया है कि आम खरीदार के लिए घर या जमीन लेना बेहद मुश्किल हो गया है। जमीन गाइडलाइन दर में 10 से 100 प्रतिशत की गई बेतहाशा बढ़ोत्तरी सरकार तानाशाही पूर्ण फैसला है।

इस फैसले से न सिर्फ जमीन का कारोबार खत्म होगा, गरीबों, किसानों, मध्यवर्गीय परिवारों के जमीन खरीद कर मकान बनाने का सपना भी टूट जाएगा। यह नई दरें आम जनता की जेब पर सीधा भारी असर डालती हैं। वही कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार ने 5 डिसमिल से कम जमीन की रजिस्ट्री शुरू कर तथा गाईडलाईन की दर में 30 प्रतिशत छूट देकर प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर में प्राण फूंका था, यही कारण था कि कोरोना के समय भी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था मजबूत थी। वर्तमान सरकार के निर्णय से बेरोजगारी बढ़ेगी, अर्थव्यवस्था तबाह होगी, रियल स्टेट में गिरावट आएगी। सरकार का आर्थिक प्रबंधन फेल हो गया है। सरकार के पास अपनी योजनाओं को चलाने के लिए पैसा नहीं है, इसीलिए सरकार विभिन्न मदों में टैक्स बढ़ा कर जनता पर बोझ थोप रही है। इसीलिए जमीन के गाईड लाईन दर तथा बिजली के दाम बढ़ाए गए हैं। बिजली बिल में 400 यूनिट छूट को समाप्त किया गया। अब जमीनों की रजिस्ट्री महंगी की जा रही है। कांग्रेस पार्टी इसका पुरजोर विरोध करती है। इस दौरान मुख्य रूप से वरिष्ठ कांग्रेसी हनुमान द्विवेदी, रामशंकर राव, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, बलराम यादव, कविता साहू, अभिषेक नायडू, ब्लॉक अध्यक्ष संतोष सेठिया, फूलसिंह बघेल, किसान कांग्रेस अध्यक्ष दयाराम कश्यप, राजेंद्र पटवा, रोजविन दास, प्रदेश सचिव सूरज कश्यप, रविशंकर तिवारी, मोईन खान, अपर्णा वाजपेयी, अनुराग महतो, नीतीश शर्मा, महेश ठाकुर, पार्षद जस्टिन भवानी, सुनीता सिंह, कमलेश पाठक, मनिता राऊत, रजत जोशी, आदि मौजूद रहे।

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