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4347.54 लाख रुपए की लागत से बन रहे रोड़ चौड़ीकरण में घटिया पुल व नाली निर्माण, ग्रामवासी तरस रहे बूंद बूंद पानी के लिए 20 दिनों से ग्रामीण परेशान —ठेकेदार पर लग रहे कई गंभीर आरोप

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रिपोर्ट-खिलेश साहू
कुरुद विधानसभा के ग्राम चरोटा  में नाली एवं पुल निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं के चलते ग्रामीणों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पिछले 15 से 20 दिनों से पूरे गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य के दौरान जेसीबी से पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद भी ठेकेदार द्वारा उसकी मरम्मत नहीं करवाई गई, जिससे गांव में जल आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है।
आपको बता दे पुराना धमतरी रोड कुरमातराई से भेंडरा,कोर्रा, जुगदेही-सिलौटी सेमरा,सीमा तक 22 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्य मेसर्स शिरोमणि माथुर (अ श्रेणी), दल्ली राजहरा, जिला बालोद के द्वारा किया जा रहा है। इस परियोजना की अनुबंध राशि ₹4347.54 लाख है, जिसे 23.74% कम S.O.R पर स्वीकृत किया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कम दर में कार्य मिलने के बाद अब गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार शिरोमणि माथुर से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, परंतु उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इससे ग्रामीणों को आशंका है कि निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
इसके अलावा पुल निर्माण कार्य में भी बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप है कि पुल और सड़क के बीच मुरूम की जगह मात्र मिट्टी भरी जा रही है, जो भविष्य में बड़े नाले के पानी के दबाव से पुल को धंसा सकती है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि शासन के मानकों को दरकिनार कर किए जा रहे ऐसे कार्य से किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है, जिसकी जिम्मेदारी ठेकेदार और संबंधित विभाग की होगी।
समस्या से त्रस्त ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर कार्य को रुकवा दिया। ग्राम चरोटा की सरपंच भानेतत पटेल  ने भी स्वीकार किया कि निर्माण कार्य पूरी तरह गुणवत्ताहीन है और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि नाली निर्माण के दौरान पूरे गांव की पुरानी नालियां भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिसकी शिकायत पंचायत द्वारा ठेकेदार और इंजीनियर को की जा चुकी है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक-दो दिनों के भीतर पाइपलाइन की मरम्मत कर पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की गई और पुल निर्माण में गुणवत्ता सुधार नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। साथ ही उन्होंने प्रशासन से तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

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