रिपोर्ट- खिलेश साहू
छत्तीसगढ़ सरकार की बड़ी पहल: घुमंतू एवं निराश्रित गौवंश की सुरक्षा के लिए प्रदेशभर में बनेगा गौधाम
धमतरी जिले में 20 गौधाम निर्माण का निर्णय, कुरुद विकासखंड की महत्वपूर्ण बैठक संपन्

धमतरी। प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और घुमंतू पशुओं के चलते हो रही जनहानि को रोकने के लिए विष्णुदेव साय सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पूरे छत्तीसगढ़ में गौधाम निर्माण की दिशा में व्यापक कदम उठाए हैं। सड़कों पर निराश्रित गायों की बढ़ती संख्या न केवल यातायात के लिए बाधा बन रही थी, बल्कि आए दिन दुर्घटनाओं का कारण भी बन रही थी। इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु सरकार ने अब सभी जिलों में व्यवस्थित गौधाम स्थापित करने की योजना पर तेजी से कार्य प्रारंभ कर दिया है।
धमतरी जिले में 20 गौधाम का निर्माण प्रस्तावित
इस सरकारी पहल के तहत धमतरी जिले में लगभग 20 गौधाम बनाने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में उपयुक्त भूमि की पहचान की जा चुकी है। प्रत्येक गौधाम में आवास, पानी, चारा, चिकित्सा और सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि निराश्रित गौवंश को सुरक्षित और स्थायी आश्रय मिल सके।
कुरुदविकासखंड में प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में महत्वपूर्ण बैठक
गौधाम निर्माण एवं संचालन संबंधी तैयारियों की समीक्षा के लिए कुरुद विकासखंड में 3 दिसंबरको अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक मे जनपदअधिकारी, तहसीलदार ग्राम पंचायत प्रतिनिधि कुरुद गौ धाम अध्यक्ष दक्षणीन्द गिरी जिला सदस्य रणजीत साहु रेमन साहु तथा संबंधित विभागों के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
बैठक की अध्यक्षता गौ सेवा आयोग के जिलाध्यक्ष हेमराज सोनी ने की। उन्होंने विस्तृत रूप से योजना की रूपरेखा, कार्ययोजना और आगामी प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
कुरुद क्षेत्र के छै गांवों जी जांम गांव सिलतरा कचना चितौद कुरुद नगर पालिकामें बनेगा गौधाम
जिलाध्यक्ष हेमराज सोनी ने बताया कि कुरुद विकासखंड में गौधाम निर्माण हेतु तीन स्थानों को चिन्हित किया गया है। यहाँ तेजी से निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
गौधाम संचालन के इच्छुक स्वयंसेवी संस्थाओं से आवेदन करने की अपील
उन्होंने कहा कि सरकारी योजना के अंतर्गत गौधाम के संचालन में स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता महत्वपूर्ण होगी। जो भी संस्था, समूह या संगठन गौसेवा के प्रति इच्छुक है, वे कलेक्टर कार्यालय या पशु विभाग में आवेदन जमा कर सकते हैं। चयनित संस्थाओं को गौधाम का संचालन और प्रबंधन सौंपा जाएगा, ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।
गौ-उत्पाद आधारित प्रशिक्षण से ग्रामीणों को मिलेगा नया रोजगार
सोनी ने जानकारी दी कि आगामी समय में गौधामों में
गोबर से दीया, गमला, खाद
गौमूत्र आधारित जैविक उत्पाद
वर्मी कम्पोस्ट
ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण
जैसे कार्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आर्थिक लाभ तथा आत्मनिर्भरता के अवसर मिलेंगे।
किसानों से पैरा न जलाने की अपील—गौशालाओं को दान करें पैरा
बैठक में किसानों से विशेष रूप से आग्रह किया गया कि वे खेतों में पैरा जलाने की प्रथा बंद करें, जिससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है। इसके बजाय वे पैरा को गौधामों या गौशालाओं में दान करें, जिससे चारे की समस्या भी दूर होगी और गौधाम संचालन में बड़ी सहूलियत मिलेगी।
समिति का संकल्प—सड़क पर नहीं दिखेंगी निराश्रित गायें
बैठक में तय किया गया कि गौधाम निर्माण पूरा होने के बाद कुरुद सहित जिले के सभी क्षेत्रों से घुमंतू गौवंश को सुरक्षित स्थलों में रखने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि शहर और कस्बों की स्वच्छता व्यवस्था में भी सुधार होगा।
जिला सदस्य रणजीत साहू ने कहा, “गौसेवा छत्तीसगढ़ की परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। सरकार का यह निर्णय न केवल जनहित में है, बल्कि प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूत करेगा।।









