Home चर्चा में आदिम जाति कल्याण विभाग के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को कौन करे कल्याण?

आदिम जाति कल्याण विभाग के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को कौन करे कल्याण?

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-कर्मचारी पहुंचे विधायक लखेश्वर बघेल की शरण में =

अर्जुन झा/जगदलपुर। आदिम जाति कल्याण विभाग दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ द्वारा आज युवा कांग्रेस आदिवासी नेता हेमंत कश्यप के नेतृत्व में बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल को उनके कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से जिले के सैकड़ों दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की समस्याओं और अनियमितताओं को गंभीरता से रखते हुए तत्काल निराकरण की मांग की गई।

युवा कांग्रेस के आदिवासी नेता हेमंत कश्यप ने बताया कि लंबे समय से विभागीय लापरवाही एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी के कारण कर्मचारी आर्थिक और पारिवारिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियमित आदेश, सेवा-सुरक्षा और समय पर वेतन भुगतान न होने से कर्मचारी असहाय स्थिति में जीवनयापन कर रहे हैं।

कर्मचारियों की प्रमुख समस्याएं और मांगें कुछ इस तरह हैं- कई माह से कर्मचारियों को कार्य आदेश जारी नहीं किया गया है, जिससे असुरक्षा एवं अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। संघ ने सभी कर्मचारियों को तत्काल कार्य आदेश जारी करने की मांग की। कर्मचारियों को सेवा अवधि के अनुरूप ईपीएफ, बीमा, चिकित्सा सुविधा और सेवा सुरक्षा लाभ उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। संघ ने इसे प्राथमिकता से लागू करने की मांग की। सबसे गंभीर समस्या यह है कि कर्मचारियों को 5 से 6 महीने तक नियमित वेतन नहीं मिलता है, जिससे परिवार का भरण-पोषण प्रभावित हो रहा है। संघ ने वेतन भुगतान को हर माह नियमित करने की मांग रखी। संघ ने बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल से आग्रह किया कि उपरोक्त मांगों पर शीघ्र निर्णय लेते हुए कर्मचारियों को राहत प्रदान की जाए, ताकि वे सम्मानजनक तरीके से अपना कार्य कर सकें और उनका परिवार आर्थिक संकट से उबर सके। संघ ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि समय सीमा में समाधान नहीं किया गया, तो संगठन आदिम जाति कल्याण विभाग के विरुद्ध चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

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