देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के लिए आने वाले दिन बेहद मुश्किल भरे हो सकते हैं। जी हां.. इंडिगो की बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन और परिचालन अव्यवस्था के बाद कंपनी के खिलाफ बड़े एक्शन की तैयारी में केंद्र की मोदी सरकार जुट गई है। मोदी सरकार सरकार इंडिगो के पर कटरने के लिए योजना को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। कंपनी को सजा के तौर पर उड़ानों की कटौती, स्लॉट की जब्ती, भारी जुर्माना, शीर्ष अधिकारियों पर कार्रवाई और कंपनी के भीतर बड़े प्रशासनिक फैसले लिए जा सकते हैं। इंडिगो संकट पर केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू आज दोपहर12 बजे लोकसभा में जवाब भी देंगे।
हजारों फ्लाइट्स के रद्द होने से यात्रियों को हुई भारी परेशानी के बाद अब केंद्र सरकार और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीसीए पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। 8 दिसंबर को इंडिगो क्राइसिस पर हुई बैठक के बाद नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू ने कहा कि इंडिगो की विंटर शेड्यूल क्षमता में कटौती की जाएगी और उसके कुछ स्लॉट अन्य एयरलाइंस को दिए जाएंगे।
मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि, इंडिगो की उड़ानों के शेड्यूल में पहले चरण में 5 प्रतिशत की कटौती तय मानी जा रही है, जिसका मतलब है कि इंडिगो से रोजाना करीब 110 उड़ानें छिन सकती हैं। यही नहीं, हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में एक और 5 प्रतिशत की अतिरिक्त कटौती भी की जा सकती है। यात्रियों की नाराजगी, सोशल मीडिया पर फूट रहा गुस्सा और हवाई अड्डों पर मचा अव्यवस्था का माहौल देखते हुए अब इंडिगो के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।









