DGCA Action on IndiGo: बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही फ्लाइट कैंसिलेशन और ऑपरेशनल गड़बड़ियों के बाद अब DGCA ने कड़ी कार्रवाई करते हुए इंडिगो की उड़ानों में 5% की कटौती का आदेश जारी कर दिया है। इस फैसले के बाद रोजाना चलने वाली लगभग 110 उड़ानें अस्थायी रूप से कम हो सकती हैं, जिन्हें अन्य एयरलाइंस के हवाले किया जाएगा। यह कदम यात्रियों को फंसे रहने की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पिछले कई दिनों से इंडिगो में फ्लाइट ड्यूटी टाइम (FDTL) के नए नियम और क्रू की कमी के कारण बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द हो रही थीं। इससे एयरपोर्ट्स पर अव्यवस्था बढ़ी और लाखों यात्री प्रभावित हुए। DGCA ने साफ कहा है कि जब तक एयरलाइन अपने क्रू और ऑपरेशन को स्थिर नहीं कर लेती, तब तक वह कम शेड्यूल पर ही परिचालन करेगी। कितनी और कौन-सी उड़ानें हटाई जाएंगी, इसकी सूची तैयार की जा रही है।
सरकार की सख्त चेतावनी
सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू ने संसद में स्पष्ट किया था कि सरकार मुद्दे को हल्के में नहीं लेगी। अगर इंडिगो की लापरवाही सामने आती है तो कंपनी के अकाउंटेबल मैनेजर पर तीन साल की जेल, ₹1 करोड़ तक का जुर्माना या दोनों दंड लगाए जा सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि अब तक 5,000 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं और 6 लाख से ज्यादा यात्री प्रभावित हुए हैं।
यात्रियों को राहत देने की तैयारी
DGCA चाहती है कि इंडिगो द्वारा हटाई गई उड़ानों की जगह एयर इंडिया, अकासा एयर और स्पाइसजेट जैसी कंपनियाँ भरें। एयर इंडिया पहले ही घरेलू मार्गों पर वाइड-बॉडी विमान तैनात करने लगी है ताकि अधिक यात्रियों को समायोजित किया जा सके।
इसके अलावा DGCA ने एयरफेयर पर भी कैप लगाने का निर्णय लिया है—
500 किमी तक की दूरी पर अधिकतम किराया: ₹7,500
1,000 से 1,500 किमी के रूट पर अधिकतम किराया: ₹15,000
यह निर्णय संकट के समय अत्यधिक किराया वसूली पर रोक लगाने के लिए लिया गया है।









