Home मुख्य ख़बरें भारत रत्न प्रणब मुखर्जी की जयंती: एक विद्वान राजनेता को श्रद्धांजलि

भारत रत्न प्रणब मुखर्जी की जयंती: एक विद्वान राजनेता को श्रद्धांजलि

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11 दिसंबर को भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान राजनेता श्री प्रणब मुखर्जी की जयंती मनाई जाती है। इस अवसर पर पूरा देश उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता है और उनके योगदान को याद करता है। वे भारतीय राजनीति के उन दुर्लभ नेताओं में से एक थे जिन्होंने दशकों तक संसद, सरकार और संविधान के हर पहलू को करीब से समझा और गहराई से प्रभावित किया।

प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर 1935 को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के मिराटी गांव में हुआ था। वे एक शिक्षक, लेखक, सांसद, केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रपति रहे। उनका राजनीतिक जीवन पांच दशकों से भी अधिक लंबा रहा। वे इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह जैसे प्रधानमंत्रियों के निकट सलाहकार रहे। उन्होंने वित्त, रक्षा, विदेश, वाणिज्य जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का नेतृत्व किया।

2012 से 2017 तक वे भारत के 13वें राष्ट्रपति रहे और उन्होंने अपने कार्यकाल में संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की। उन्हें 2019 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया, जो उनकी सेवा, विद्वता और लोकतंत्र के प्रति निष्ठा का प्रतीक है।

प्रणब मुखर्जी का जीवन हमें सिखाता है कि सादगी, अध्ययनशीलता और संतुलित दृष्टिकोण से किस प्रकार देश की सेवा की जा सकती है। उनकी जयंती पर हम उन्हें नमन करते हैं और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लेते हैं।

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