राजेन्द्र जायसवाल/जिला जांजगीर-चांपा , 09 दिसंबर 2025।
जिले में फाइनेंस कंपनियों और माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और नियंत्रित बनाने की दिशा में पुलिस प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में फाइनेंस कंपनियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता DSP मुख्यालय श्री विजय कुमार पैकरा और CSP जांजगीर योगिताबाली खापर्डे ने की।
बैठक में जिले में संचालित सभी फाइनेंस व माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जहां पुलिस अधिकारियों ने कानून व्यवस्था, उपभोक्ता सुरक्षा और वित्तीय नियमों के अनुपालन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
मुख्य निर्देश एवं चर्चाएं
1. आरबीआई पंजीकृत कंपनियों को दस्तावेज़ पूर्ण प्रस्तुत करने के निर्देश
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में कार्यरत सभी RBI से रजिस्टर्ड फाइनेंस कंपनियों को अपने सभी वैधानिक दस्तावेज़ों को अद्यतन कर पुलिस विभाग के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
यह कदम फाइनेंस सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जी कंपनियों की गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
2. कलेक्शन एजेंट्स का दोहरा वेरिफिकेशन
कलेक्शन एजेंट्स द्वारा की जाने वाली वसूली में अक्सर उपभोक्ता शिकायतें देखने को मिलती हैं। इस संदर्भ में पुलिस ने दो-स्तरीय सत्यापन प्रक्रिया लागू करने की घोषणा की।
पहला वेरिफिकेशन संबंधित कंपनियों द्वारा किया जाएगा (जो अधिकांश कंपनियों ने कर लिया है)।
इसके बाद पुलिस विभाग द्वारा सभी एजेंट्स का क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाएगा ताकि अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों की फाइनेंस गतिविधियों में भागीदारी रोकी जा सके।
यह व्यवस्था उपभोक्ताओं की सुरक्षा और बेकाबू रिकवरी एजेंट्स पर अंकुश लगाने का बड़ा कदम माना जा रहा है।
3. फर्जी फाइनेंस कंपनियों पर कार्रवाई की तैयारी
पुलिस ने सभी मान्यता प्राप्त कंपनियों को निर्देश दिया कि यदि किसी व्यक्ति या समूह द्वारा बिना अनुमति फर्जी फाइनेंस कंपनी चलाई जा रही है, तो उसकी जानकारी त्वरित रूप से पुलिस को दें।
इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने संकेत दिया कि—
जिले में सभी फाइनेंस संस्थाओं के दस्तावेज़ों की विस्तृत जांच की जाएगी,
बिना पंजीकरण, बिना लाइसेंस और नियम विरुद्ध चल रही कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन का उद्देश्य – उपभोक्ता सुरक्षा और वित्तीय अपराधों पर लगाम
पिछले कुछ महीनों से जिले में कई जगहों पर फर्जी फाइनेंस कंपनियों, गलत तरीके से वसूली करने वाले एजेंट्स, ग्रामीणों से अत्यधिक ब्याज वसूलने तथा अवैध रिकवरी प्रथाओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं।
इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा यह सामूहिक बैठक बुलाकर पूरे फाइनेंस सेक्टर को सख्त संदेश दिया गया है।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि—
पारदर्शिता बढ़ाने से उपभोक्ताओं के साथ होने वाली वित्तीय ठगी कम होगी,
वेरिफाइड कलेक्शन एजेंट्स के चलते अवैध वसूली पर नकेल कसेगी,
और नियमों के अनुरूप कार्य करने वाली कंपनियों में जनता का विश्वास बढ़ेगा।
जिला पुलिस की चेतावनी
CSP योगिताबाली खापर्डे ने स्पष्ट कहा—
“जिले में फाइनेंस के नाम पर हो रही किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी कंपनी या एजेंट नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
DSP विजय कुमार पैकरा ने यह भी जोड़ा कि पुलिस प्रशासन आने वाले दिनों में निरीक्षण अभियान चलाकर दस्तावेज़, लाइसेंस और कंपनियों की कार्यशैली का भौतिक सत्यापन भी करेगा।
यह बैठक फाइनेंस कंपनियों को न केवल जिम्मेदार वित्तीय प्रणाली की ओर ले जाने का प्रयास है,
यह बैठक फाइनेंस कंपनियों को न केवल जिम्मेदार वित्तीय प्रणाली की ओर ले जाने का प्रयास है, बल्कि उपभोक्ताओं और आम नागरिकों के हितों की रक्षा का भी महत्वपूर्ण कदम है। जांजगीर-चांपा पुलिस का यह प्रयास जिले में वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ावा देने और अवैध फाइनेंस गतिविधियों पर रोक लगाने की दिशा में अहम साबित होगा।









