-मध्यान्ह भोजन नसीब हुआ विद्यार्थियों को, शिक्षक बने रहे बेपरवाह =
-रसोईया के न आने से नहीं बन पाया स्कूल में भोजन =
-अर्जुन झा-
बकावंड। विकासखंड बकावंड के स्कूलों में मध्यान्ह भोजन योजना का बुरा हाल है। रसोईया न आए, तो बच्चों को भोजन नहीं मिल पाता। कई शालाओं में मीनू के आधार पर भोजन नहीं दिया जाता। ऐसा ही हुआ है ब्लॉक की प्राथमिक शाला भिरेंडा में, जहां बुधवार को स्कूल का चूल्हा ठंडा पड़ा रहा और बच्चों के पेट में पूरे दिन चूहे दौड़ते रहे।
भिरेंडा स्कूल में मिड-डे मील में बड़ी लापरवाही सामने आई है।

बुधवार को दोपहर 1.30 बजे तक बच्चे खाली पेट बैठे रहे। स्कूल में तीन-तीन शिक्षकों के मौजूद रहते हुए भी खाना नहीं बन पाया। स्कूल में एक शिक्षक व दो शिक्षिकाओं के रहने के बावजूद बच्चों को मिड-डे मील नसीब नहीं हो सका।बच्चे सुबह 9 बजे से पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन दोपहर हो जाने के बाद भी उन्हें भोजन नहीं मिला। इससे विद्यालय में मिड-डे मील व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिक्षकों ने बताया कि बच्चों को रोजाना भोजन दिया जाता है, लेकिन आज बुधवार को खाना बनाने वाली रसोईया नहीं आती, इसलिए खाना नहीं मिल पाया है। स्कूल के रसोई घर में चूल्हा पूरी तरह ठंडा मिला, दाल-चावल, राशन, बर्तन सब कुछ खाली और बिना तैयारी के पाया गया।भोजन बनाने की तैयारी भी शुरू नहीं की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब सीएससी से चर्चा करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। मामले को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों में गहरी नाराजगी है। उनका कहना है कितीन-तीन शिक्षकों की मौजूदगी के बावजूद बच्चों से मिड-डे मील का हक छीना गया।
तलब करेंगे शिक्षकों को स्कूल में बच्चों को भूखा रखना गंभीर मसला है। इस संबंध में शिक्षक शिक्षिकाओं को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा।









