विमल सोनी/रतनपुर:
सेवा सहकारी समिति रतनपुर (पंजीयन क्रमांक 256) में ऑनलाइन टोकन व्यवस्था की गंभीर समस्याओं को लेकर किसानों की आवाज को सीधा सुनने के लिए बुधवार को कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने स्वयं रतनपुर धान खरीदी केंद्र पहुंचकर किसानों के साथ जन चौपाल का आयोजन किया। खरीदी केंद्र के प्रांगण में बरगद के पेड़ की छांव तले विधायक ने किसानों के साथ बैठकर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना और धान खरीदी प्रक्रिया में सामने आ रही व्यावस्थाओं की कमियों को समझा।जन चौपाल में किसानों ने खरीदी केंद्र पर हो रही गड़बड़ियों, ऑनलाइन टोकन प्रणाली की तकनीकी दिक्कतों, और सर्वर क्रैश जैसी परेशानियों को खुले तौर पर रखा। खासतौर पर उन्होंने कहा कि 70% टोकन ऑनलाइन लेने की बाध्यता और एग्रिस्टेक पंजीयन में भारी गड़बड़ी के कारण उनका रकबा मनमाने तरीके से कम कर दिया जा रहा है,

जिससे वे गहरी चिंता में हैं।कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने रतनपुर उपार्जन केंद्र की व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि नापतोल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा ऑनलाइन टोकन प्रणाली को पूरी पारदर्शिता और सुचारु तऱीके से चलाया जाए ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने साथ ही ऑफलाइन टोकन व्यवस्था भी शुरू करने की मांग जिला कलेक्टर से की, जिससे तकनीकी बाधाओं से जूझ रहे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र के किसान ऑनलाइन टोकन न मिलने की वजह से अपनी फसल बेचने से वंचित न रहें।चौपाल में तहसीलदार शिल्पा भगत, पटवारी दिलीप परस्ते,
जिला सहकारी बैंक मैनेजर, मंडी प्रबंधक राकेश श्रीवास, तथा अन्य संबंधित अधिकारियों ने भी भाग लिया। किसानों की शिकायतों के मद्देनजर कई मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।विधायक ने यह भी बताया कि कांग्रेस शासनकाल में रतनपुर उपार्जन केंद्र पर प्रतिदिन 2300 क्विंटल धान की खरीदी होती थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे घटाकर लगभग 1100 क्विंटल कर दिया है, जिससे किसानों की उपार्जन क्षमता कम हुई है।अंत में अटल श्रीवास्तव ने जोर देकर कहा कि खरीदी केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि वे बिना किसी व्यवधान के अपने धान की बिक्री कर सकें।









