नई दिल्ली-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह जॉर्डन के लिए रवाना हो गए। वे जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन के आमंत्रण पर आधिकारिक दौरे पर जा रहे हैं। यह यात्रा खास इसलिए है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी करीब सात साल बाद जॉर्डन जा रहे हैं और भारत-जॉर्डन राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दोनों देशों के रिश्तों की समीक्षा करेंगे।
जॉर्डन यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी इथियोपिया और ओमान के दौरे पर भी जाएंगे। इन तीनों देशों के साथ भारत के राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और मज़बूत करने पर फोकस रहेगा।
जॉर्डन में द्विपक्षीय रिश्तों पर होगी अहम बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी की जॉर्डन यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, क्षेत्रीय सुरक्षा और राजनीतिक सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत और जॉर्डन के बीच लंबे समय से मजबूत कूटनीतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं, जिन्हें नई ऊंचाई देने की कोशिश की जाएगी।
इथियोपिया और ओमान दौरे का एजेंडा
जॉर्डन के बाद प्रधानमंत्री इथियोपिया जाएंगे, जहां भारत-अफ्रीका साझेदारी को नई दिशा देने पर जोर रहेगा। वहीं ओमान दौरे के दौरान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) सहित द्विपक्षीय सहयोग को लेकर अहम बातचीत होने की उम्मीद है।
सोशल मीडिया पर साझा की यात्रा की जानकारी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने तीन देशों के दौरे की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी साझा की। उन्होंने रवाना होने से पहले की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा कि अगले तीन दिनों में वे जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान जाएंगे, जो भारत के महत्वपूर्ण साझेदार हैं और जिनके साथ भारत के सदियों पुराने सभ्यतागत और मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा
विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा पश्चिम एशिया और अफ्रीका के साथ भारत के रिश्तों को नई मजबूती देगा। व्यापार, निवेश, रणनीतिक सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा की जाएगी। मंत्रालय ने बताया कि जॉर्डन और इथियोपिया की यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली पूर्ण द्विपक्षीय यात्रा होगी, जबकि ओमान का यह उनका दूसरा दौरा है।
भारत-जॉर्डन संबंधों के 75 साल
भारत और जॉर्डन के बीच 1950 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे, जिनके 2025 में 75 वर्ष पूरे हो गए हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा खास मानी जा रही है। भारत, जॉर्डन का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2023-24 में दोनों देशों के बीच करीब 26,000 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ। दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 5 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रख रहे हैं।
फॉस्फेट और निवेश में जॉर्डन की अहम भूमिका
भारत अपने कुल रॉक फॉस्फेट आयात का लगभग 40 प्रतिशत जॉर्डन से करता है। इसके बदले जॉर्डन भारत से मशीनरी, पेट्रोलियम उत्पाद, अनाज, रसायन, ऑटो पार्ट्स और औद्योगिक सामान आयात करता है। भारतीय कंपनियों ने जॉर्डन के फॉस्फेट और टेक्सटाइल सेक्टर में 1.5 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है।









