उत्तर भारत में घने कोहरे ने सोमवार सुबह सड़क यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया। दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर फरीदाबाद और नूंह जिलों में हुए भीषण सड़क हादसों में चार लोगों की जान चली गई, जबकि 10 से अधिक लोग घायल हो गए। बेहद कम दृश्यता के चलते एक के बाद एक वाहन टकराते चले गए। मृतकों में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक सब-इंस्पेक्टर भी शामिल हैं।
घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने सभी घटनास्थलों पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में हादसों की वजह घना कोहरा और तेज रफ्तार बताई जा रही है।
फरीदाबाद में दो हादसे, दो लोगों की मौत
फरीदाबाद जिले में दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर कैल गांव के पास सोमवार सुबह दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाएं हुईं। घने कोहरे के कारण आगे खड़े वाहन दिखाई नहीं दिए, जिससे हादसे हुए।
पहली घटना में एक एंडेवर कार सड़क किनारे खड़े कैंटर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में सवार तीन लोगों में से दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में एक की पहचान जयपुर निवासी संदीप कुमार के रूप में हुई है, जबकि दूसरे की शिनाख्त की जा रही है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कुछ ही देर बाद उसी इलाके में दूसरी दुर्घटना हुई, जहां पीछे से आ रही क्रेटा कार एक कैंटर से टकरा गई। इस हादसे में चालक सुरक्षित रहा, लेकिन वाहन को भारी नुकसान पहुंचा।
दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे पर पांच वाहन टकराए, छह घायल
कोहरे का असर दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी देखने को मिला। रविवार देर रात करीब एक बजे भोजपुर थाना क्षेत्र के कलछीना के पास बस, ट्रक और कार सहित पांच वाहन आपस में भिड़ गए। इस दुर्घटना में छह लोग घायल हो गए। एक्सप्रेसवे पेट्रोलिंग टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और घायलों को मेरठ के सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर 10–12 गाड़ियां भिड़ीं
गाजियाबाद के वेव सिटी थाना क्षेत्र में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर सोमवार सुबह घने कोहरे के चलते करीब 10 से 12 वाहन आपस में टकरा गए। हादसा इकला गांव के पास हुआ। पुलिस ने घायलों को प्राथमिक उपचार दिलवाया और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात सुचारू कराया। इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
नूंह में सबसे बड़ा हादसा: 30 वाहन टकराए, 2 की मौत
नूंह जिले में दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर सुबह करीब चार बजे सबसे बड़ा हादसा हुआ। घने कोहरे में लगभग 30 वाहन एक-दूसरे से टकरा गए। इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई और दस से अधिक लोग घायल हो गए।
मृतकों की पहचान सीआईएसएफ के सब-इंस्पेक्टर हरीश कुमार (निवासी अलवर) और जयपुर के व्यापारी खलील अहमद के रूप में हुई है। घायलों को मांडीखेड़ा स्थित जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद कुछ ट्रक पलट गए, जिससे एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया।
स्थानीय लोगों ने राहत और एंबुलेंस सेवाओं के देर से पहुंचने पर नाराजगी जताई। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के दौरान गति सीमित रखें, फॉग लाइट का उपयोग करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।









