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सुकमा डीएसपी पर हमला: दुष्कर्म मामले में शिकायतकर्ता महिला ने रिटायर्ड फौजी साथी के साथ मिलकर दिया वारदात को अंजाम, दो घंटे तक बंधक बनाए रखा अधिकारी को

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दंतेवाड़ा –

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में शुक्रवार को हुए एक सनसनीखेज मामले ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सुकमा जिले में पदस्थ डीएसपी तोमेश वर्मा पर एक महिला ने अपने रिटायर्ड फौजी साथी के साथ मिलकर प्राणघातक हमला किया। चौंकाने वाली बात यह है कि हमला करने वाली यही महिला पहले से डीएसपी वर्मा के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज करा चुकी थी। दोनों आरोपी दुर्ग जिले से तकरीबन 350 किलोमीटर की दूरी तय कर दंतेवाड़ा पहुंचे थे, जहां उन्होंने डीएसपी को चाकू की नोक पर दो घंटे तक बंधक बनाए रखा।

जानकारी के अनुसार डीएसपी तोमेश वर्मा सुकमा जिले के घोर नक्सल क्षेत्र जगरगुंडा में तैनात हैं। शुक्रवार को वह किसी सरकारी कार्य के सिलसिले में दंतेवाड़ा सत्र न्यायालय पहुंचे थे। इसी दौरान आरोपी महिला और उसका साथी भी मौके पर पहुंच गए और डीएसपी को निशाना बना लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी महिला ने अपने साथी के साथ मिलकर वर्मा पर अचानक हमला कर दिया और उन्हें कोर्ट परिसर के नजदीक एक स्थान पर बंधक बना लिया।

घटना के दौरान आसपास के लोगों ने जब शोर सुना, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। दंतेवाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी में उनके पास एक धारदार चाकू बरामद किया गया, जिससे उन्होंने हमला किया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

हमले में घायल डीएसपी तोमेश वर्मा को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, उनके शरीर पर गहरे घाव के निशान हैं, लेकिन उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है।

प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि महिला ने कुछ महीने पहले डीएसपी वर्मा के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। इसी मामले को लेकर दोनों के बीच तनातनी चल रही थी। पुलिस को शक है कि इसी विवाद के चलते आरोपी महिला ने रिटायर्ड फौजी साथी के साथ मिलकर यह हमला योजना बनाकर किया। दोनों आरोपी दुर्ग से कार में दंतेवाड़ा पहुंचे और वर्मा की कोर्ट उपस्थिति की जानकारी पहले से जुटाई थी।

दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि हमले के पीछे कोई और व्यक्ति या संगठन शामिल था या नहीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला और उसका साथी बीते कुछ महीनों से वर्मा की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

इस घटना से पुलिस विभाग में भारी नाराजगी और सतर्कता का माहौल है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अधिकारी या जवान की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं, इस घटना ने दंतेवाड़ा जैसे संवेदनशील जिले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी नए सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब यहां नक्सल गतिविधियों के चलते अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात हैं।

दंतेवाड़ा की अदालत परिसर में हुए इस हमले के बाद पुलिस ने आसपास के सभी महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी है। घटना की पूरी जांच उच्चस्तरीय टीम द्वारा की जा रही है और आरोपियों को जल्द ही न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा।

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