बांग्लादेश एक बार फिर धार्मिक उन्माद और हिंसा की आग में जल रहा है। ‘जुलाई विद्रोह’ के मुख्य नेता और प्रधानमंत्री शेख हसीना के विरोधी उस्मान हादी की मौत के बाद देशभर में कट्टरपंथियों ने हिंसक प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ सड़कों पर जमकर उत्पात मचाया, बल्कि कई प्रमुख समाचार पत्रों के दफ्तरों पर हमला कर आग के हवाले कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने भारत और शेख हसीना सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इससे भी ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि कई जगहों पर हिंदू समुदाय को टारगेट किया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक हिंदू युवक को पहले पीटा गया और फिर उस पर आग लगाकर मार डाला गया। इस अमानवीय घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने शोक की घोषणा की है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। ढाका में अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने स्थिति की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है।
हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और अल्पसंख्यक समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस हिंसा की कड़ी निंदा की जा रही है।









