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भानुप्रतापपुर प्रकरण पर सुलगा विवाद: सर्व हिंदू समाज का छत्तीसगढ़ बंद, रायपुर में पुलिस अलर्ट मोड पर

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रघुराज –

छत्तीसगढ़ में बुधवार को सर्व हिंदू समाज द्वारा घोषित राज्यव्यापी बंद का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में सुबह से बाजार बंद हैं और सड़कें अफसरों की निगरानी में शांत लेकिन तनावपूर्ण नजर आ रही हैं। बंद का आह्वान भानुप्रतापपुर क्षेत्र के आमाबेड़ा गांव में धर्म परिवर्तन को लेकर हुए विवाद और हिंसक घटना के विरोध में किया गया है।

राजधानी रायपुर में सुबह से ही विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। शहर के प्रमुख चौराहों—पंडरी, शंकर नगर, तेलीबांधा, कटोरा तालाब और जयस्तंभ चौक—पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बंद के आह्वान पर कुछ स्कूलों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने एहतियातन स्वैच्छिक अवकाश रखा है। सर्व हिंदू समाज के कार्यकर्ता बस्तर, धमतरी, बालोद, दुर्ग और बिलासपुर सहित कई जिलों में घूम-घूमकर दुकानदारों और आम जनता से समर्थन की अपील कर रहे हैं।

पूरा मामला भानुप्रतापपुर के आमाबेड़ा क्षेत्र के बड़े तेवड़ा गांव से जुड़ा है। यहां के सरपंच रजमन सलाम के पिता चमरा राम सलाम का हाल ही में निधन हो गया था। जानकारी के अनुसार, सरपंच के परिवार ने कुछ समय पहले ईसाई धर्म अपना लिया था, जिसको लेकर पहले से ही गांव में असंतोष का माहौल था। परिवार ने मृतक का अंतिम संस्कार गांव में ही ईसाई रीति-रिवाजों से किया, जिसे लेकर ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया।

स्थानीय ग्रामीणों की मांग थी कि शव को कब्र से निकालकर हिंदू परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाए। शुरुआत में यह मामला सामाजिक स्तर पर सुलझाने का प्रयास किया गया, लेकिन बीते मंगलवार (16 दिसंबर) को स्थिति अचानक हिंसक रूप धारण कर गई। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों का एक समूह कब्र स्थल की ओर बढ़ा, जहाँ उनकी ईसाई समुदाय के लोगों से झड़प हो गई। इसमें कई लोग घायल हो गए और कुछ पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए। घायलों को आमाबेड़ा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।

घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में धारा 144 लागू कर दी है और स्थिति नियंत्रण में है। वहीं, धर्म परिवर्तन और अंत्येष्टि विवाद ने पूरे प्रदेश में राजनीति को भी गर्मा दिया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल इस मामले में एक-दूसरे पर सांप्रदायिक तनाव फैलाने के आरोप लगा रहे हैं।

रायपुर सहित राज्य के अन्य हिस्सों में बंद के दौरान बड़े पैमाने पर पुलिस गश्त की जा रही है। शहर में अब तक किसी अप्रिय घटना की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “शांति व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है, किसी को भी कानून हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा।”

फिलहाल प्रशासन और स्थानीय समाज के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता की कोशिशें जारी हैं ताकि धार्मिक और सामाजिक सामंजस्य बना रहे। प्रदेश के कई हिस्सों में इस घटना को लेकर जनता में आक्रोश और चिंता दोनों का माहौल बना हुआ है।

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