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कवि नासिर अहमद सिकन्दर के जाने से साहित्य बिरादरी में शोक की लहर

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रिपोर्टिंग: बसंत राघव
भिलाई। आज दिनांक 29 दिसंबर प्रातः 8:00 बजे छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि,आलोचक और जनवादी लेखक संघ के स्तंभ रहे नासिर अहमद सिकन्दर का हृदयाघात से निधन हो गया।
        उनका अंतिम संस्कार आज 29 दिसंबर को शाम 4:00 बजे रामनगर भिलाई कब्रिस्तान में होगा ।
              नासिर अहमद सिकंदर के भिलाई आवाद के निकट काफी हाउस हाल में उनकी स्मृति में श्रद्धांजलि  सभा शाम साढ़े पांच बजे है।
     नब्बे के दशक में दैनिक नवभारत में नासिर जी की कविताएं खूब छपतीं थीं। नव भारत के “आमने – सामने” स्तंभ में उनके द्वारा लिया गया साहित्यकारों का इंटरव्यू भी धाराप्रवाह छपता था। नासिर जी ने नवभारत के ‘अभी बिल्कुल अभी ‘ स्तंभ में अनेक नये कवियों को पहचान दिलाई। नब्बे के दशक में जब साप्ताहिक दिनमान अपने नए कलेवर में साप्ताहिक अखबार दिनमान टाइम्स के रूप में निकलता था नासिर अहमद सिकन्दर जी की कविताएं उसमें प्रकाशित  होती थीं।
नासिर अहमद सिकंदर का जन्म 15 जून 1961 को हुआ था।
उनकी प्रकाशित पुस्तकों में ‘जो कुछ भी घट रहा है दुनिया में’ (कविता संग्रह), खोलती है खिड़की
(काव्य पुस्तिका) इस वक्त मेरा कहा (कविता संग्रह), भूलवश और जानबूझकर (कविता संग्रह), अच्छा आदमी होता है अच्छा (कविता संग्रह),
चयनित कविताएं (चयन एवं संपादन सुधीर सक्सेना) कुछ साक्षात्कार
(प्रसिद्ध लेखकों से लिए गये साक्षात्कार), बचपन का बाइस्कोप (आलोचनात्मक गद्य). प्रगतिशीलता की पैरवी (आलोचना) इत्यादि प्रमुख हैं। उन्हें प्रथम केदारनाथ अग्रवाल सम्मान, सूत्र सम्मान भी मिला था।
भिलाई इस्पात संयंत्र से वे सेवानिवृत्त हुए थे।
छत्तीसगढ़ सहित रायगढ़ की साहित्य बिरादरी में भी उनकी मृत्यु की खबर से शोक की लहर है।

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