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ग्राम पंचायत पचोरी में 6.53 लाख रुपये के कथित घोटाले की शिकायत बिना काम, बिना प्रस्ताव फर्जी भुगतान का आरोप, कलेक्टर से जांच की मांग

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जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल

जिला जांजगीर-चांपा | 29 दिसंबर 2025
विकासखंड बम्हनीडीह अंतर्गत ग्राम पंचायत पचोरी में पंचायत मद की शासकीय राशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत पचोरी की सरपंच श्रीमती सुलोचना कर्ष पर बिना किसी निर्माण या मरम्मत कार्य कराए और बिना पंचायत प्रस्ताव के ₹6,53,900 (छह लाख तिरपन हजार नौ सौ रुपये) का फर्जी तरीके से आहरण किए जाने का आरोप लगा है।
मामले को लेकर 29 दिसंबर 2025 को जनदर्शन कार्यक्रम में ग्रामीणों की ओर से जिला कलेक्टर जांजगीर-चांपा को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच एवं दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।

मरम्मत कार्य दिखाकर निकाली गई राशि
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि सितंबर 2025 में सरपंच द्वारा पंचायत भवन मरम्मत, मिडिल स्कूल एवं प्राइमरी स्कूल मरम्मत, यादव सामुदायिक भवन मरम्मत तथा गौशाला में 40 पोल घेराव जैसे कार्यों के नाम पर कुल ₹6.53 लाख की राशि का आहरण किया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि इनमें से कोई भी कार्य धरातल पर नहीं हुआ, जबकि पंचायत की किसी भी बैठक में इन कार्यों को लेकर कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया।

फर्जी बिल लगाकर शासकीय राशि के दुरुपयोग का आरोप
शिकायतकर्ताओं के अनुसार सरपंच द्वारा उपरोक्त कार्यों के लिए फर्जी बिल व वाउचर लगाकर भुगतान किया गया। शिकायत के साथ साईं ट्रेडर्स के कथित फर्जी बिलों की छायाप्रति भी संलग्न की गई है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की भौतिक सत्यापन के माध्यम से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

सरपंच की पदमुद्रा के दुरुपयोग का आरोप
मामले में एक और गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि सरपंच के देवर महेश कर्ष पंचायत की पदमुद्रा (सील) अपने पास रखकर विभिन्न शासकीय दस्तावेजों पर स्वयं सील लगाता एवं फर्जी हस्ताक्षर करता है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत बैठकों में भी महेश कर्ष का हस्तक्षेप बना रहता है, जो कि पंचायती राज अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है।

जनपद स्तर पर मिलीभगत का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पूर्व में पंचायत से जुड़े मामलों को जनपद पंचायत बम्हनीडीह के कुछ अधिकारियों से मिलीभगत कर लेन-देन के माध्यम से दबाया गया। इससे गांव में असंतोष और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
उपसरपंच सहित ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की सूक्ष्म, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर सरपंच एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

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