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देर रात तक कविताओं की चली बयार,

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पेंड्रा संवाददाता दीपक कश्यप
अटल जी डॉ सुरेंद्र दुबे एवं विनोद कुमार शुक्ल जी कल किया गया याद

पेण्ड्रा : पेण्ड्रा की धरा में साहित्य को पुष्पित पल्लवित करने के उद्देश्य से जिला साहित्यकार समिति एवं आनंद फाउंडेशन, प्रेस क्लब के संयुक्त प्रयास से प्रेस क्लब सभागार में साहित्य एवं काव्य संध्या का आयोजन किया गया। आयोजन लगातार 5 घंटे तक चला। यह आयोजन भारत रत्न, कवि हृदय, पूर्व प्रधानमंत्री पं अटल बिहारी वाजपेयी जी के 101वीं जन्म जयंती के अवसर पर तथा छत्तीसगढ़ के दिवंगत हास्य कवि डॉ सुरेन्द्र दुबे एवं साहित्य अकादमी तथा ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त वरिष्ठ कथाकार कवि विनोद कुमार शुक्ल जी की स्मृति में आयोजित किया गया। इस अवसर पर समस्त साहित्यकारों ने अटल जी, दुबे जी एवं शुक्ल जी की छायाचित्र पर दीपक जलाकर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपना श्रद्धा सुमन अर्पित किया।


इस आयोजन में जिले भर से आए कवियों साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से सभागार में कविताओं का वातावरण निर्मित किया। कार्यक्रम के शुभारंभ में अतिथियों ने माँ सरस्वती, भारत माता के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्प माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ कर तीनों विभूतियों के तैलचित्र के समक्ष दीप पुष्प तिलक रोली अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सभी सम्माननीय अतिथियों का पुष्प भेंट कर स्वागत अभिनंदन किया गया।इस अवसर पर कार्यक्रम की भूमिका रखते हुए कार्यक्रम संयोजक कवि आशुतोष आनंद दुबे ने सभी अतिथियों सहित पधारे गणमान्य जनों का स्वागत अभिनंदन करते हुए कहा कि यह आयोजन पूर्वजों के शुभ आशीर्वाद एवं साहित्य एवं कविता के महान विभूतियों की प्रेरणा से संभव हुआ है। महामना श्रद्धेय अटल जी का विराट व्यक्तित्व, उनकी जीवन की चुनौतियों से जुड़ी रचनाएँ, हास्य व्यंग्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा को विदेशों में पहचान दिलाने डॉ सुरेन्द्र दुबे, अपनी सीधी सरल भाषा में जीवन का यथार्थ रचने वाले विनोद शुक्ल जी को स्मरण कर उनके व्यक्तित्व कृतित्व से सीखने का अवसर है। उन्हें नमन करते हुए आज की काव्यांजलि उन्हें समर्पित करते हैं। कार्यक्रम में अतिथि राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय मित्र ने अपने विचार रखते हुए अटल जी पर रचित अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी। मंचासीन कामता प्रसाद शर्मा जी ने अपनी हास्य वचनों की ठेठ भाषा में रची कविताओं से हास्य का माहौल तैयार किया। श्रीमती रचना शुक्ला ने अटल जी एवं शुक्ल जी के जीवन वृत्त पर प्रकाश डाला। भारत विकास परिषद के अध्यक्ष एवं आक्सफोर्ड स्कूल के डायरेक्टर विकास त्यागी जी ने अटल जी के साथ जुड़ा अपना संस्मरण सुनाया। तथा अपनी प्रेरणाप्रद रचना प्रस्तुत की। कार्यक्रम के आयोजक सदस्यों विश्वनाथ सोनी, अमन सिंह, भीष्म त्रिपाठी, छोटेलाल बनवासी, गोपालचंद्र शुक्ल, वंदना चटर्जी, रचना शुक्ला, सूर्य प्रकाश महंत ने आयोजन में अपना भरपूर सहयोग दिया। साहित्यविद् अक्षय नामदेव, कुंजबिहारी तिवारी ने कथाकार कवि विनोद कुमार शुक्ल से जुड़ी अपनी यादें साझा करते हुए उनके कृतित्व पर प्रकाश डाला। छग राजभाषा आयोग के जिला समन्वयक आशुतोष दुबे ने डॉ सुरेंद्र दुबे जी के साथ अपनी स्मृतियाँ साझा करते हुए उनकी रचना बेटियाँ की कुछ पंक्तियाँ प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन भीष्म त्रिपाठी ने किया।

30 से अधिक कवियों ने किया काव्यपाठ बाल कवियों की भी रही सहभागिता

कार्यक्रम में 30 से अधिक कवियों ने अपनी रचनाओं का वाचन किया। जिनमें दुर्गेश दुबे, सौरभ दुबे, शत्रुघन प्रसाद राय, रश्मि नामदेव, मीनाक्षी केशरवानी, ऋचा यज्ञेश, बाल कवि मोहित खांडेकर, श्रवण कुमार साहू, साहिल श्रीवास, स्वास्तिका चटर्जी, श्रीमती निष्ठा ताम्रकार, सचिन राज, निष्ठा दुबे, श्रेयांश पाण्डेय सहित आयोजन समिति के सदस्यों तथा अन्य कवियों सहित 30 से अधिक कवियों ने अपनी सुंदर प्रस्तुति से सभी का ध्यान आकर्षित किया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि प्रेसक्लब अध्यक्ष अखिलेश नामदेव, सचिव शरद अग्रवाल, वरिष्ठ साहित्यप्रेमी रामनिवास तिवारी, पार्षद जयदत्त तिवारी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष राकेश चतुर्वेदी, मनीष श्रीवास, साहित्यप्रेमी सीताराम महलवाला, शोभा हॉस्पिटल संचालक के के तिवारी, शिक्षक एवं साहित्यप्रेमी रंजीत राठौर, शिवराज शुक्ला, संगीत कला मंच अध्यक्ष निर्माण जायसवाल, कर्मचारी प्रतिभा मंच अध्यक्ष पीयूष गुप्ता, अजय चौधरी, अनुराग सिंह, परदेस क्लब के साथी मुकेश विश्वकर्मा, जितेन्द्र सोनी, प्रशांत डेनियल, अभिषेक गुप्ता, शैलेष सोनी, राकेश तिवारी, अतुल तिवारी सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी युवा वरिष्ठ जन एवं मातृशक्ति उपस्थित रहे।

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