पेंड्रा संवाददाता दीपक कश्यप
कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के 3 दिवसीय हड़ताल का रहा जीपीएम जिले में व्यापक असर
मोदी की गारंटी पूरी नहीं हुई, तो आने वाले समय में अनिश्चित कालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई
देय तिथि से डीए नहीं मिलने से लाखों रुपए का नुकसान उठा रहे कर्मचारी कर रहे हड़ताल
गौरेला पेण्ड्रा मरवाही। (दिनांक 31 दिसम्बर 2025) :
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर तीसरे व अंतिम दिन बुधवार को सभी विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन करने के बाद नारेबाजी करते हुए विशाल रैली निकालकर “मोदी की गारंटी” पूरा करने सहित 11 सूत्रीय मांगों का मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। रैली में लगभग एक हजार से ज्यादा कर्मचारी शामिल हुए, जिसमें बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल थे।

राज्य की भाजपा सरकार ने वर्ष 2023 के चुनाव में कर्मचारियों अधिकारियों से “मोदी की गारंटी” नाम से जो घोषणा पत्र जारी किया था, उस घोषणा पत्र में किए गए वायदे को पूरा नहीं किए जाने से कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है, इसलिए कर्मचारियों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार 29 से 31 दिसम्बर तक 3 दिवसीय हड़ताल करके भाजपा सरकार के खिलाफ अपने असंतोष को जताया है। 3 दिवसीय हड़ताल की समाप्ति के साथ ही समस्त कर्मचारी नेताओं ने भाजपा सरकार को स्पष्ट चेतावनी दिया है कि, यदि मोदी की गारंटी पूरी नहीं की गई, तो आने वाले समय में अनिश्चित कालीन हड़ताल करने के लिए कर्मचारी बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जवाबदारी भाजपा सरकार की होगी।
इस 3 दिवसीय हड़ताल की वजह से गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिले के सभी दफ्तरों में कामकाज और स्कूलों में भी पढ़ाई ठप्प रहा। अब सभी अधिकारी कर्मचारी 1 जनवरी से अपने कामों में लौटेंगे।
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट तौर पर कहा कि, डीए कर्मचारियों का अधिकार है और अधिकारों का हनन किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बता दें कि, वर्ष 2019 से अनियमित रूप से मंहगाई भत्ता (डीए) दिए जाने से राज्य के सभी कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनरों को लाखों रुपए का नुकसान हो चुका है।

बता दें कि, भाजपा ने “मोदी की गारंटी” वायदा पूरा नहीं किया है, इसलिए राज्य के 125 कर्मचारी संगठनो के प्रतिनिधि संगठन कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के द्वारा 3 दिवसीय हड़ताल किया गया था। हड़ताल में मंच संचालन अजय चौधरी ने किया। तीसरे दिन धरना प्रदर्शन को सौरभ दुबे, मोनिका जैन, राकेश चौधरी, डॉ. बीपी सिंह, पारस प्रधान, संजय गुप्ता, संजय पैकरा, संजय सोनी, दिनेश राठौर, आशीष शर्मा, जनार्दन मंडल, अंबुज मिश्रा, प्रकाश रैदास, मुकेश निषाद, गीतेश्वर राठौर इत्यादि ने सम्बोधित किया। धरना प्रदर्शन और रैली में मुख्य रूप से कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला संयोजक डॉ. संजय शर्मा, महासचिव आकाश राय, सचिन तिवारी, प्रवीण श्रीवास, धीरज पांडे, अमरीक सिंह, कविता शर्मा, सरिता सिंह, अक्षय नामदेव, सत्य नारायण जायसवाल, राजकिशोर टंडन, पीयूष गुप्ता, प्रीतम कोशले, प्रकाश रैदास, अजय सप्रे, किशन राठौर, अमित शर्मा, अभिषेक शर्मा, लक्ष्मी शंकर गुप्ता, सूरज चौहान, प्यारेलाल पुरी, छोटूलाल रात्रे, अनुजय वैश्य, राजेश सोनी, उषा कोशले, बलराम तिवारी, संजय नामदेव, रामकुमार बघेल, प्रकाश बंजारे, लाल बहादुर कौशिक, जेपी पैकरा, जनभान सिंह पैकरा, बीएल पांडे, प्रशांत शर्मा, शरद ताम्रकार, राकेश तिवारी, तुलसी महिलांगे, राजेश चौधरी, कैलाश लदेर, ओम प्रकाश सोनवानी, रामप्रमोद तिवारी, प्रवीण कौशिक, कन्हैया सोनवानी, अमिताभ चटर्जी, आरके तिवारी, मुकेश सिंह ठाकुर, परसराम चौधरी, संतोष कश्यप, रणजीत सिंह राठौर, अरुण कछवाहा, प्रकाश जायसवाल, सतीश श्रीवास, सुदर्शन भैना, रूपेश गुप्ता सहित विभिन्न संगठनों के जिला अध्यक्ष, पदाधिकारी सहित सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी शामिल थे।









