सुकमा –
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संपूर्ण राज्य में समर्थन मूल्य में धान खरीदी किया जा रहा है। सुकमा जिले में धान के अवैध व्यापार और परिवहन को रोकने के लिए प्रशासन ने अपनी मुस्तैदी बढ़ा दी है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में कोंटा अनुभाग के अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले चार दिनों के भीतर अलग-अलग स्थानों से कुल 228 कट्टा अवैध धान और परिवहन में प्रयुक्त तीन वाहन जब्त किए हैं। प्रशासन की इस निरंतर कार्रवाई से अवैध धान का परिवहन और भंडारण करने वाले लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।

केस 1: पुसगुफ़ा रोड पर ट्रैक्टर जब्त
पहली कार्रवाई 11 जनवरी को पुसगुफ़ा रोड पर की गई। यहाँ उइका भीमा (निवासी गोरखा) को बिना नंबर प्लेट के ट्रैक्टर में 33 कट्टा मोटा धान परिवहन करते हुए पकड़ा गया। मंडी अधिनियम 1972 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल धान और वाहन को अपनी अभिरक्षा में ले लिया।
केस 2: एर्राबोर मार्ग पर पिकअप पर कार्रवाई
उसी दिन 11 जनवरी को एक अन्य टीम ने एर्राबोर रास्ते पर घेराबंदी कर सोयम संजू (निवासी एर्राबोर) के कब्जे से एक महिंद्रा पिकअप को रोका। बिना नंबर प्लेट वाले इस वाहन में 70 कट्टा धान लोड था, जिसके संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर जब्ती की कार्रवाई की गई।
केस 3: बंडा रोड पर रात के अंधेरे में बड़ी कार्रवाई
प्रशासन की सतर्कता 15 जनवरी की रात को भी जारी रही। बंडा रोड पर मुचाकी गोपी (निवासी चिंतूर) द्वारा बिना नंबर प्लेट के ट्रैक्टर में ले जाया जा रहा 125 कट्टा धान पकड़ा गया। मंडी अधिनियम के तहत अवैध पाए जाने पर इस खेप को भी जब्त कर लिया गया।
मौके पर डटे रहे अधिकारी
अवैध परिवहन के खिलाफ इस पूरी मुहिम का नेतृत्व एसडीएम कोंटा श्री सुभाष शुक्ला ने किया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार कोंटा श्री गिरीश निंबालकर, टीआई श्री सलीम खाखा, फूड इंस्पेक्टर और अन्य विभागीय कर्मचारी मौके पर तैनात रहे।
जिला प्रशासन का संदेश
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मंडी अधिनियम 1972 का उल्लंघन कर अवैध रूप से धान का परिवहन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जिले की सीमाओं और मुख्य मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसानों के हक पर डाका डालने वाले बिचौलियों पर लगाम लगाई जा सके। जिला प्रशासन के द्वारा आगे भी इस प्रकार की कार्यवाही लगातार की जाएगी।









