जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जिला जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह क्षेत्र में लंबे समय से चल रही अवैध रेत उत्खनन और भंडारण की गतिविधियों पर आखिरकार प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे के निर्देश पर खनिज विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा चलाया गया यह अभियान अवैध खनन माफियाओं के लिए चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
जांच अभियान के दौरान मौके पर रेत के अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन में लिप्त पाए जाने पर एक जेसीबी मशीन और एक हाईवा वाहन को जब्त किया गया। दोनों वाहनों को पुलिस थाना बम्हनीडीह में पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है। यह कार्रवाई न केवल अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट होता है कि प्रशासन अब लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है।

पर्यावरण और नदी संरक्षण की दिशा में कदम
अवैध रूप से नदी से रेत निकालना न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पर्यावरण संतुलन के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है। नदियों की गहराई बढ़ने से भू-क्षरण, जलस्तर में गिरावट और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। प्रशासन द्वारा निरस्त भंडारण स्थल पर डंप की गई रेत को हटाकर पुनः नदी में डलवाना इस बात का संकेत है कि पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
कानूनी शिकंजा और सख्त संदेश
अवैध खनन और परिवहन में संलिप्त लोगों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 से 23(ख) के तहत कार्रवाई की गई है। इन धाराओं के अंतर्गत भारी जुर्माना, वाहन जब्ती और जेल तक का प्रावधान है। प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियों पर निरंतर और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जनहित में जरूरी कार्रवाई
यह कार्रवाई आम जनता के हित में बेहद आवश्यक है। अवैध रेत उत्खनन से जहां एक ओर शासन को राजस्व की हानि होती है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों को पर्यावरणीय और सामाजिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्रशासन की इस पहल से यह उम्मीद जगी है कि जिले में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।
बम्हनीडीह में की गई यह कार्रवाई केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं, बल्कि अवैध खनन के खिलाफ चल रही लड़ाई का हिस्सा है।
बम्हनीडीह में की गई यह कार्रवाई केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं, बल्कि अवैध खनन के खिलाफ चल रही लड़ाई का हिस्सा है। यदि इसी तरह लगातार निगरानी और कार्रवाई होती रही, तो निश्चित ही अवैध रेत माफियाओं की कमर टूटेगी और जिले में कानून का राज स्थापित होगा। प्रशासन की यह सख्ती आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों के लिए भी उदाहरण बनेगी।







