संवाददाता युसूफ खान
कुसमी बलरामपुर
कुसमी, 27 जनवरी।
सामरी विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा सोमवार को कुसमी विकासखंड के एकदिवसीय दौरे पर रहीं। इस दौरान उन्होंने जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत करकली, सेमराताला, मोतीनगर एवं डांड टोली का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामवासियों द्वारा विधायक का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
एकदिवसीय भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित जन चौपाल में विधायक श्रीमती पैकरा ने ग्रामीणों की सड़क, पेयजल, शिक्षा, आवास सहित अन्य मूलभूत समस्याओं की जानकारी ली। समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तत्काल चर्चा कर शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया।

ग्राम पंचायत मोतीनगर में विधायक के अचानक आगमन से ग्रामीणों में उत्साह देखा गया। ग्रामीणों द्वारा पूर्व में की गई मांग पर विधायक ने बताया कि सामुदायिक भवन का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है, जिसका उद्घाटन शीघ्र किया जाएगा। इससे ग्रामवासियों ने विधायक के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके पश्चात ग्राम पंचायत करकली के दाढ़पारा में भी जन चौपाल आयोजित कर क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा धान खरीदी की निर्धारित लिमिट में वृद्धि की गई है। जिन किसानों का अब तक एक भी टोकन नहीं कटा है, उनका प्राथमिकता के आधार पर टोकन काटा जा रहा है। टोकन कटवाने की प्रक्रिया तहसीलदार एवं राजस्व निरीक्षक की उपस्थिति में की जा रही है, ताकि कोई भी पात्र किसान वंचित न रहे।

उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत – जी राम जी योजना’ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिया, सड़क, स्टॉपडेम, नाली, तटबंध, भवन निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की भ्रांतियों में न आएं और सरकार की योजनाओं का लाभ लें।
विधायक ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किसानों के खातों से हुई कथित धोखाधड़ी का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संबंध में कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तक किसानों की समस्याओं से अवगत कराया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा संबंधित अधिकारियों को धान खरीदी व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा तथा जिन किसानों का धान टोकन नहीं कटा है, उनका टोकन दो दिवस के भीतर काटे जाने का आश्वासन दिया गया।










