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रायपुर में कमिश्नर सिस्टम के बाद पहली हत्या: समता कॉलोनी में युवक की चाकू मारकर निर्मम हत्या, पुलिस की छापेमारी तेज

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रायपुर संवाददाता – रघुराज 

रायपुर, 30 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हाल ही में लागू कमिश्नर प्रणाली के बाद पहली हत्या की घटना ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है। गुरुवार शाम समता कॉलोनी के निकट रामनगर क्षेत्र में एक युवक पर चाकू से हमला कर दिया गया। मृतक की पहचान दुर्गेश ध्रुव (उम्र 25 वर्ष) के रूप में हुई है। हमले में गंभीर रूप से घायल दुर्गेश अपनी जान बचाने के प्रयास में रेलवे पटरी पार कर समता कॉलोनी पहुंचा, लेकिन हाथीराम मंदिर चौक के पास अधिक खून बहने से बेहोश हो गया और मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई है और स्थानीय लोग सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, घटना गुरुवार शाम करीब 6 बजे रामनगर क्षेत्र में हुई। दुर्गेश ध्रुव वहां अपने किसी परिचित से मिलने गया था। अचानक कुछ अज्ञात बदमाशों ने उस पर चाकू से हमला बोल दिया। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी ने दुर्गेश की जांघ पर तेज धार वाले चाकू से वार किया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। खून से लथपथ दुर्गेश ने किसी तरह अपनी जान बचाई और रेलवे ट्रैक पार कर समता कॉलोनी की ओर भागा। रास्ते में उसे कई लोगों ने देखा, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। हाथीराम मंदिर चौक पहुंचते ही वह जमींन पर लुढ़क गया और उसकी सांसें थम गईं।

घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को दी। समता कॉलोनी थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जांघ पर चाकू के गहरे घाव और अत्यधिक खून बहने को मौत का कारण बताया गया है। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं और स्थानीय निवासियों से पूछताछ शुरू कर दी है। एसपी रायपुर अजय साहू ने बताया, “हमले के पीछे पुरानी रंजिश या नशे का मामला हो सकता है। टीमें रामनगर, समता कॉलोनी, देवेंद्र नगर और अमलीपारा इलाकों में छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”

रायपुर में पिछले महीने ही पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू की गई थी, जिसके तहत शहर को आठ जोन में बांटा गया है। इसका उद्देश्य अपराध नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई था। लेकिन दुर्गेश हत्याकांड इस प्रणाली की पहली बड़ी परीक्षा बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समता कॉलोनी और रामनगर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में रात के समय गश्त कम है। एक निवासी रमेश वर्मा ने कहा, “कमिश्नर सिस्टम आया है, लेकिन सड़कों पर पुलिस की मौजूदगी नहीं दिखती। युवाओं पर नशे के सौदागरों का राज है। ऐसी घटनाएं रोकनी होंगी।”

दुर्गेश ध्रुव रायपुर के ही निवासी थे और एक स्थानीय दुकान पर काम करते थे। उनके परिवार में मां, भाई और दो बहनें हैं। घटना की खबर सुनकर परिवार वाले सदमे में हैं। दुर्गेश की मां सीता ध्रुव रोते हुए बोलीं, “मेरा बेटा निर्दोष था। वह शाम को सामान लाने गया था, दोबारा नहीं लौटा। आरोपियों को सख्त सजा दो।” परिवार ने पुलिस से त्वरित न्याय की मांग की है। पड़ोसियों के अनुसार, दुर्गेश शांत स्वभाव का था और किसी से दुश्मनी नहीं रखता था। पुलिस पुरानी रंजिश, प्रेम प्रसंग या नशे के कारोबार की आशंका जता रही है।

पुलिस ने अब विशेष जांच टीम गठित कर दी है। कमिश्नर प्रणाली के तहत जोनल डीसीपी समता कॉलोनी को इस मामले का जिम्मेदार बनाया गया है। शहरभर में सीसीटीवी नेटवर्क को सक्रिय किया गया है। पिछले एक सप्ताह में रायपुर में छोटी-मोटी चाकूबाजी की तीन घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन यह पहली हत्या है। विशेषज्ञों का मानना है कि कमिश्नर सिस्टम को मजबूत करने के लिए युवाओं में नशामुक्ति अभियान और गश्त बढ़ानी होगी।

स्थानीय संगठनों ने इस घटना की निंदा की है। रायपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने कहा कि सरकार अपराध रोकने में नाकाम साबित हो रही है। वहीं, भाजपा ने पुलिस प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी। सोशल मीडिया पर #JusticeForDurgesh ट्रेंड कर रहा है। लोग कमिश्नर सिस्टम पर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि 48 घंटे में आरोपी पकड़े जाएंगे। फिलहाल, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है।

यह घटना रायपुरवासियों के लिए चेतावनी है। कमिश्नर प्रणाली नई है, लेकिन अपराधियों को सबक सिखाने का समय आ गया है। शहर सुरक्षित बनाने के लिए सभी को सजग रहना होगा। पुलिस की जांच तेज जारी है।

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