किरंदुल संवाददाता – हारून रशीद
किरंदुल…
छत्तीसगढ़ की “सबसे धनी नगरपालिका” कहलाने वाला नगर, आज अपनी ही सड़क पर बेबस खड़ा दिखाई दिया।
गुरुवार शाम करीब 5 बजे, मुख्य मार्ग पर एक साथ 70 से 80 भारी वाहन आ गए — और शहर की सबसे व्यस्त सड़क आधे घंटे तक जाम में नहीं… खतरे में फंसी रही।
यह कोई सामान्य ट्रैफिक जाम नहीं था। यह एक चेतावनी थी। एक संकेत था — कि किरंदुल अब हादसे की दहलीज़ पर खड़ा है।

भीड़, ट्रक और अव्यवस्था—किरंदुल का रोज़ का सच
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुख्य बाजार क्षेत्र में जगह इतनी कम हो चुकी है कि सामान्य दिनों में जहाँ तीन ट्रक निकल सकते हैं, वहीं बाजार और भारी वाहनों के दबाव में एक वाहन भी मुश्किल से सरकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है— यदि उस समय कोई एंबुलेंस फंस जाती, तो यह खबर जाम की नहीं, जान की होती।
सवाल बाजार से नहीं… सिस्टम से है
इस घटना के बाद शहर में बहस तेज हो गई है। कुछ लोगों ने कहा— बाजार सड़क पर लगने से जाम हुआ।
तो कुछ का आरोप है—
भारी वाहनों की अव्यवस्थित एंट्री
और BTOA की लापरवाही
इस जाम की असली वजह रही।
लेकिन सच इससे बड़ा है—
सच यह है कि किरंदुल की व्यवस्था
अब किसी एक पक्ष की गलती नहीं,
एक सामूहिक विफलता बन चुकी है।
नगरपालिका से सीधा सवाल: करोड़ों का हाट बाजार किसलिए?
नगरपालिका ने जनता के टैक्स से
करोड़ों रुपये खर्च कर
सब्जी हाट और हाट बाजार बनाया।
तो फिर प्रश्न उठता है—
जब सड़क पर व्यापार बैठ रहा है,
तो हाट बाजार वीरान क्यों है?
क्या योजनाएं केवल फाइलों के लिए बनती हैं?
या ठेकेदारों के लिए?
NMDC से सवाल: लौह नगरी की सड़क पर सुरक्षा क्यों नहीं?
NMDC की खदानों से देश को लौह अयस्क मिलता है। राजस्व इसी मिट्टी से निकलता है। लेकिन इसी मिट्टी पर जनता पैदल चलने को जगह खोज रही है। क्या CSR सिर्फ पोस्टर तक सीमित है? या किरंदुल की सड़क भी जिम्मेदारी है?
BTOA से सवाल: बाजार क्षेत्र में ट्रकों का रेला क्यों?
स्थानीय नागरिकों का कहना है—
भीड़भाड़ वाले दिन मुख्य बाजार मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश नियंत्रित होना चाहिए। क्योंकि एक गलती… एक ब्रेक…एक धक्का… और किरंदुल की सड़क खबर नहीं, मातम बन जाएगी। अब समाधान नहीं निकला तो… हादसा निकलेगा
नगरपालिका, NMDC और BTOA के लिए यह अंतिम चेतावनी है—
यह मुद्दा व्यापार बनाम प्रशासन नहीं। यह मुद्दा है— जनता की जान बनाम सिस्टम की नींद।
समाधान स्पष्ट है—
हाट बाजार को तत्काल चालू किया जाए
ग्रामीण व्यापारियों को व्यवस्थित स्थान मिले
बाजार दिनों में भारी वाहनों पर नियंत्रण हो
संयुक्त समिति बने: नगरपालिका + NMDC + BTOA + व्यापारी संघ
वरना किरंदुल “सबसे धनी नगर” नहीं… सबसे अव्यवस्थित नगर कहलाएगा।









