जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेंद्र प्रसाद जायसवाल
जिला जांजगीर-चांपा | 30 जनवरी 2026
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जांजगीर-चांपा जिला प्रशासन ने एक सराहनीय पहल करते हुए दिशा-दर्शन भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे एवं पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय ने कलेक्टोरेट परिसर से महिला स्व सहायता समूहों की अध्यक्षों एवं सदस्यों के दल को मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले के लिए रवाना किया। दोनों अधिकारियों द्वारा बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करना न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम था, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रशासन की गंभीर प्रतिबद्धता का प्रतीक भी बना।
यह भ्रमण कार्यक्रम महिला स्व सहायता समूहों की महिलाओं को विभिन्न सफल आजीविका मॉडलों आलेकन
यह भ्रमण कार्यक्रम महिला स्व सहायता समूहों की महिलाओं को विभिन्न सफल आजीविका मॉडलों, लघु उद्योगों, स्वावलंबी इकाइयों तथा समूह आधारित आर्थिक गतिविधियों से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। डिंडोरी जिले में संचालित सफल स्व सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे नवाचार, स्वरोजगार एवं सामूहिक प्रयासों को देखकर जांजगीर-चांपा की महिलाएं न केवल सीखेंगी, बल्कि उन्हें अपने जिले में लागू करने की प्रेरणा भी प्राप्त होगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अनिता अग्रवाल ने बताया कि इस दिशा-दर्शन भ्रमण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे सिलाई-कढ़ाई, कृषि आधारित गतिविधियाँ, वनोपज प्रसंस्करण, लघु उद्योग, पशुपालन, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण जैसी आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। भ्रमण से लौटने के बाद ये महिलाएं अपने अनुभवों को न केवल स्वयं के समूहों में साझा करेंगी, बल्कि अपने-अपने गांव और क्षेत्रों की अन्य महिलाओं को भी स्वावलंबन के लिए प्रेरित करेंगी।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि महिला सशक्तिकरण केवल योजनाओं तक सीमित न रहकर व्यवहारिक प्रशिक्षण, अनुभव साझा करने और प्रेरणादायक उदाहरणों से ही साकार हो सकता है। प्रशासन द्वारा किया गया यह प्रयास ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी सहित विभाग का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। सभी ने इस पहल को महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य और जिले के समग्र विकास के लिए मील का पत्थर बताया।
निस्संदेह, दिशा-दर्शन भ्रमण कार्यक्रम जांजगीर-चांपा की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की नई दिशा देगा और “महिला सशक्तिकरण से ही सशक्त समाज” की अवधारणा को मजबूती प्रदान करेगा।







