Air India एक बार फिर विमान सुरक्षा को लेकर सवालों के घेरे में है। उसके बेड़े में शामिल बोइंग 787 ड्रीमलाइनर में गंभीर तकनीकी खामी सामने आई है, जो पहले हुए अहमदाबाद विमान हादसे से मिलती-जुलती बताई जा रही है। यह मामला लंदन हीथ्रो से बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइट AI132 का है, जहां उड़ान से ठीक पहले एक बड़ी अनहोनी टल गई।
उड़ान से पहले पकड़ी गई खतरनाक खराबी
1 फरवरी 2026 को जब बोइंग 787-8 विमान उड़ान के लिए तैयार किया जा रहा था, उसी दौरान इंजन स्टार्ट प्रक्रिया में पायलटों को असामान्य स्थिति महसूस हुई। जांच में पता चला कि बाएं इंजन का फ्यूल कंट्रोल स्विच सही तरीके से लॉक नहीं हो रहा था।
Safety Matters Foundation के अनुसार, जब पायलटों ने स्विच को ‘RUN’ मोड पर सेट किया, तो वह अपने आप खिसककर ‘CUTOFF’ की ओर जाने लगा। अगर यह समस्या उड़ान के दौरान होती, तो बीच हवा में इंजन बंद होने जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती थी।
संभावित खतरे को देखते हुए क्रू ने विमान को उड़ान की अनुमति नहीं दी और फ्लाइट रद्द कर दी गई।
अहमदाबाद हादसे से जुड़ता कनेक्शन
सबसे चिंताजनक बात यह है कि यही तकनीकी खामी पहले भी सामने आ चुकी है। अहमदाबाद में क्रैश हुई Air India की फ्लाइट AI-171 में भी फ्यूल कंट्रोल स्विच के ढीले होने और लॉक न होने की शिकायत दर्ज की गई थी।
दो अलग-अलग घटनाओं में एक जैसी खराबी सामने आना विमान के डिजाइन और मेंटेनेंस सिस्टम दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पुराना डिजाइन डिफेक्ट फिर बना सिरदर्द
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या बोइंग के पुराने डिजाइन डिफेक्ट से जुड़ी हो सकती है। अमेरिकी संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) ने वर्ष 2018 में ही चेतावनी जारी की थी कि कुछ विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच की फ्रिक्शन कम होने के कारण वे अपने आप ‘CUTOFF’ स्थिति में जा सकते हैं, जिससे In-Flight Engine Shutdown का खतरा रहता है।
जांच के बावजूद कैसे निकली खामी?
Air India का दावा है कि उसने DGCA के निर्देश पर अपने पूरे बोइंग 787 बेड़े की जांच पहले ही कर ली थी, और सभी विमान सुरक्षित घोषित किए गए थे। ऐसे में AI132 में वही तकनीकी खराबी दोबारा सामने आना जांच प्रक्रिया की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है।
विमान ग्राउंड, DGCA को रिपोर्ट
ताजा घटना के बाद एयरलाइन ने पूरी रिपोर्ट नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को सौंप दी है। संबंधित विमान VT-ANX को फिलहाल ग्राउंड कर दिया गया है और विस्तृत तकनीकी जांच के आदेश दिए गए हैं।
सुरक्षा पर फिर बहस
लगातार सामने आ रही तकनीकी खामियों ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि क्या Air India के बेड़े में शामिल विमानों की सुरक्षा निगरानी और मेंटेनेंस व्यवस्था पर्याप्त है, या यात्रियों की जान अब भी जोखिम में है।









