रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों को बड़ी राहत दी है। अब मरीजों को अस्पताल की ही फार्मेसी से दवाइयां खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
नए निर्देशों के तहत निजी अस्पतालों की फार्मेसी के बाहर स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा, जिसमें यह जानकारी दी जाएगी कि मरीज चाहें तो दवाइयां किसी भी लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर से खरीद सकते हैं।
बताया जा रहा है कि सरकार को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी अस्पताल मरीजों पर अपनी फार्मेसी से ही दवा लेने का दबाव बनाते थे, जहां दवाओं की कीमतें आम बाजार की तुलना में अधिक होती थीं। इस फैसले से अस्पतालों की इस मनमानी पर अंकुश लगेगा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का मकसद मरीजों को विकल्प की स्वतंत्रता देना और इलाज की लागत को कम करना है। साथ ही सूचना बोर्ड से मरीजों को उनके अधिकारों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
सरकार ने यह भी साफ किया है कि नियमों का पालन न करने वाले निजी अस्पतालों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मरीज हित में लिया गया यह निर्णय स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









