बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
= भांसी के बुधराम पारा क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत =
दंतेवाड़ा। जिले के भांसी क्षेत्र में शेर की उपस्थिति ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। भांसी के बुधराम पारा के समीप दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में स्थित कलार पारा के पास शेर देखे जानेसे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। शेर ने एक गाय को अपना शिकार बना लिया।
पीड़ित आदिवासी परिवार के अनुसार बीते शुक्रवार को उनकी गाय जंगल में चरने गई थी, जो शनिवार तक वापस नहीं लौटी। खोजबीन करने पर जंगल में गाय का अधखाया शव मिला।ग्रामीणों ने बताया कि गाय के पेट में मृत बच्चा भी था, जिससे घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के ग्रामीणों को जंगल न जाने तथा अंधेरा होने से पहले घर लौटने की अपील की। बीती रात गांव की एक बुजुर्ग महिला ने शेर के दहाड़ने की आवाज सुनने का दावा किया, जिसके बाद वन विभाग द्वारा अनाउंसमेंट कर लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। इधर बचेली के बड़े पारा में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और वन विभाग द्वारा जारी सोशल मीडिया पत्र को लेकर चिंता जाहिर की। सरपंच गोविंद कुंजाम के नेतृत्व में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि वे रोजमर्रा के कार्यों जैसे पूजा पाठ, वनोपज संग्रह, वनौषधि और लकड़ी के लिए जंगल जाते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी वन विभाग को लेनी चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की कि जल्द से जल्द सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि लोग निर्भय होकर जंगल आ-जा सकें।
पत्रकारों की टीम भांसी के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में स्थित कलार पारा पहुंची और पीड़ित आदिवासी परिवार से मुलाकात की। ग्रामीणों में फिलहाल भय का माहौल बना हुआ है। मामले में वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
ग्रामीणों का कहना है कि शेर की मौजूदगी जहां चिंता का विषय है, वहीं दूसरी ओर जंगलों में अवैध खनन और इष्ट देव स्थलों के संरक्षण में प्रशासन की उदासीनता को लेकर भी लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुरक्षा और संरक्षण के ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।









