पुकार बाफना/बीजापुर –
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में अब विकास की नई तस्वीर उभरने लगी है। कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के दिशा-निर्देश एवं उपनिदेशक इन्द्रावती टाइगर रिजर्व श्री संदीप बलगा के मार्गदर्शन में पुजारी कांकेर परिक्षेत्र अंतर्गत पामेड़ क्षेत्र में स्थित ग्राम नंबी में इंद्रावती टाइगर रिजर्व से जुड़े क्षेत्र में RAMP योजना के तहत होम-स्टे एवं इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय सेक्टर स्पेसिफिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन 6 फरवरी 2026 को हुआ।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने के बाद इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आजीविका आधारित विकास का प्रभावी माध्यम माना जा रहा है। कार्यक्रम की नोडल एजेंसी छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CSIDC) रही, जबकि प्रशिक्षण Choice Consultancy Service Pvt. Ltd. द्वारा प्रदान किया गया। इस पहल को सफल बनाने में जिला प्रशासन और वन विभाग का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीणों को होम-स्टे संचालन, अतिथि सत्कार, स्वच्छता, सुरक्षा मानक, स्थानीय एवं पारंपरिक व्यंजन, पर्यावरण संरक्षण तथा पर्यटकों से व्यवहार से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि इको-टूरिज्म के माध्यम से जंगल, वन्यजीव और स्थानीय संस्कृति को संरक्षित रखते हुए स्थायी रोजगार और आय के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि कभी नक्सल गतिविधियों के लिए पहचाने जाने वाले पुजारी कांकेर तथा पामेड़ क्षेत्र में अब विकास, पर्यटन और आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस शुरुआत हो चुकी है। ग्रामीणों ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे अपने गांव के भविष्य के लिए बेहद लाभकारी बताया।
ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार की पहल से नंबी गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में युवाओं को गांव में ही रोजगार मिलेगा और बीजापुर जिले की पहचान अब केवल नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि इको-टूरिज्म और संरक्षण आधारित विकास मॉडल के रूप में स्थापित होगी।









