संवाददाता – जवाहर यादव
खरगोन – मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के छोटे से गांव बोंदरान्या की 27 वर्षीय मनीषा धार्वे ने अपनी मेहनत और लगन से इतिहास रच दिया है। अपने चौथे प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2023 में 257वीं रैंक हासिल कर वे प्रदेश की पहली आदिवासी महिला IAS अधिकारी बन गईं। मनीषा की प्रेरणादायक यात्रा गांव की आंगनबाड़ी और सरकारी स्कूल से शुरू हुई। बाद में उन्होंने इंदौर के प्रतिष्ठित होलकर कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में बीएससी की डिग्री प्राप्त की। उनके माता-पिता, जो सरकारी शिक्षक हैं, ने सीमित संसाधनों के बावजूद हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी, जो आज इस सफलता का आधार बनी।मनीषा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मध्यप्रदेश सरकार ने उन्हें सम्मानित किया है। वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षु IAS अधिकारी के रूप में विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उनकी कहानी ग्रामीण और आदिवासी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी।









