व्यापार से लेकर सुरक्षा तक अहम मुद्दों पर मंथन
कुआलालंपुर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने आधिकारिक विदेश दौरे पर मलेशिया पहुंच चुके हैं, जहां उनका पारंपरिक सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ जोरदार स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर मलेशियाई सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों और भारतीय समुदाय के लोगों ने पीएम मोदी का अभिनंदन किया।
दौरे के पहले ही दिन भारत और मलेशिया के बीच द्विपक्षीय वार्ता की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसमें आर्थिक सहयोग, रक्षा साझेदारी, तकनीकी विकास और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है। दोनों देश आपसी संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में ठोस फैसले लेने के मूड में नजर आ रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान 10वें भारत-मलेशिया सीईओ फोरम में भी शिरकत करेंगे। इस फोरम में दोनों देशों के बड़े उद्योगपति, निवेशक और कारोबारी नेता शामिल होंगे। यहां व्यापार बढ़ाने, नए निवेश अवसरों और स्टार्टअप सहयोग पर कई अहम समझौते होने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत के लिए लंबे समय से संवेदनशील मुद्दा बने जाकिर नाईक के प्रत्यर्पण पर भी बातचीत हो सकती है। भारत लगातार उसे देश वापस लाने की मांग करता रहा है और इस बार इस मुद्दे पर गंभीर रुख अपनाए जाने की उम्मीद है।
इसके अलावा समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, साइबर सुरक्षा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को नई ऊंचाई देने पर भी चर्चा होगी। दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए आपसी तालमेल बढ़ाने पर सहमत दिख रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी का यह दौरा भारत-मलेशिया संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के नए स्तर तक ले जा सकता है और आने वाले वर्षों में व्यापार व कूटनीति दोनों क्षेत्रों में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।









