कुसमी। बलरामपुर
संवाददाता युसूफ खान
रामानुजगंज (बलरामपुर):
दलको बांध की नहर टूटने से रामानुजगंज क्षेत्र के तीन गांवों — नगरा, भवरमाल और धनपुरी — के किसान पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। नहर से पानी न मिलने के कारण किसानों की फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। खेतों में खड़ी फसलें पानी के अभाव में रंग-रूप खो रही हैं, जिससे किसानों की पूरी पूंजी बर्बाद होने की स्थिति बन गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि दलको बांध के एक्वाडक्ट के नीचे बना डेम बार-बार टूट जाता है। किसानों और ग्रामीणों ने कई बार आपसी चंदा इकट्ठा कर अस्थायी मरम्मत करवाई, ताकि किसी तरह सिंचाई का कार्य चलता रहे। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।

ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या की जानकारी कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। किसानों का आरोप है कि उनका दुख-दर्द प्रशासन को दिखाई नहीं दे रहा है। गांव के किसानों की आंखों में निराशा और चिंता साफ देखी जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि दलको बांध बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रमुख बांधों में से एक है। बांध में पर्याप्त पानी होने के बावजूद किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। नहर टूटने के कारण पानी व्यर्थ रूप से कन्हर नदी में जाकर मिल रहा है।
किसान राकेश गुप्ता ने बताया कि समय पर सिंचाई नहीं होने से फसल सूखने लगी है। कई बार जल संसाधन विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित किया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
इस संबंध में जल संसाधन विभाग के एसडीओ सुजीत गुप्ता ने बताया कि उन्हें नहर टूटने की जानकारी मिली है और जल्द ही मरम्मत कार्य कराया जाएगा।
अब देखना यह होगा कि विभाग कब तक स्थायी समाधान करता है, ताकि किसानों को राहत मिल सके और उनकी मेहनत बेकार न जाए।









