कोण्डागांव संवाददाता – विनीत पिल्लई
कोण्डागांव।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत केशकाल विकासखंड में बटराली से होनहेड़ तक निर्मित 12.50 किलोमीटर लंबी सड़क में भारी अनियमितता सामने आई है। करीब 2 करोड़ 42 लाख रुपये की लागत से बनी यह सड़क निर्माण के महज एक सप्ताह के भीतर ही जगह-जगह से उखड़ने लगी है, जिससे ठेकेदार की कार्यशैली और निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों की खुली अनदेखी की गई। डामरीकरण से पहले न तो सड़क की समुचित सफाई की गई और न ही तकनीकी प्रक्रिया का पालन किया गया। हालात यह हैं कि हाथ लगाने मात्र से ही डामर उखड़ रहा है और गिट्टी अलग हो रही है। वर्षों के इंतजार के बाद बनी सड़क की यह हालत देखकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा योजना के लिए पूरा बजट जारी किया गया, इसके बावजूद घटिया सामग्री का उपयोग कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। यदि ऐसे मामलों में समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में भी इसी तरह के घटिया निर्माण होते रहेंगे।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, ठेकेदार ने विभाग को पूर्व सूचना दिए बिना निर्माण कार्य शुरू किया था, जिस पर नोटिस जारी किया गया है। निरीक्षण के दौरान भी लापरवाही की पुष्टि हुई, जिसके बाद सड़क के मेंटेनेंस और रिन्यूअल का कार्य दोबारा कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि केवल नोटिस जारी करना पर्याप्त नहीं है।
अब क्षेत्रवासियों की मांग है कि पूरे सड़क निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दोषी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए और हुए नुकसान की भरपाई उसी से कराई जाए। सवाल यह है कि क्या करोड़ों रुपये की योजनाओं में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी, या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा?









