एकात्म मानववाद एवं अंत्योदय के प्रणेता थे पंडित दीनदयाल… अधिवक्ता चितरंजय जिलाध्यक्ष
पंडित दीनदयाल उपाध्याय एकात्म मानववाद एवं अंत्योदय के प्रणेता थे, यह बात कहते हुए अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद शक्ति जिलाध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय सिंह ने बताया कि
भारतीय जनसंघ के संस्थापक महान विचारक और ‘एकात्म मानववाद’ व ‘अंत्योदय’ के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि 11 फरवरी समर्पण दिवस के रूप में हम मनाते है क्योंकि राष्ट्र प्रथम भाव को लेकर आजीवन देश सेवा मे समर्पित पंडित दीनदयाल की 11 फरवरी 1968 को मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर उनकी रहस्यमयी परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी।आज उनके पुण्यतिथि याने ‘समर्पण दिवस’ पर राष्ट्र के प्रति उनके योगदान स्मरण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए संकल्प लेने का अवसर है कि एकात्म मानववाद और अंत्योदय का हित चिंतन हमारा प्रथम कर्तव्य है।
आज अधिवक्ता परिषद की ओर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे राष्ट्रवादी नेता को दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देते हुए संदेश देने का प्रयास किया गया कि पंडित दीनदयाल के
एकात्म मानवतावाद (समग्र विकास) और अंत्योदय (अंतिम व्यक्ति का उत्थान) का दर्शन आज भी प्रासंगिक है और राष्ट्रीय एकता के लिए अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के सार्वभौमिक अधिकार सुनिश्चित करने के साथ व्यक्ति_व्यक्ति में समानता के लिए हमारा संगठन हमेशा संकल्पित है।









