जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेंद्र प्रसाद जायसवाल
जिला जांजगीर-चांपा, 12 फरवरी 2026।
प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड, कोटाडाबरी (चांपा) के श्रमिकों ने राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत एक दिवसीय औद्योगिक हड़ताल में भाग लिया। इस दौरान श्रमिकों ने कंपनी परिसर के बाहर एकत्र होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की तथा पम्पलेट वितरित कर सरकार के समक्ष अपनी बात रखी।
हड़ताल के दौरान जारी में वर्ष 2019 एवं 2020 में पारित चार नई श्रम संहिताओं— वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, व्यवसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता 2020 तथा सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 — को वापस लेने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। श्रमिक संगठनों का कहना है कि इन संहिताओं से मजदूरों के अधिकारों में कटौती हुई है और रोजगार सुरक्षा कमजोर पड़ी है।
श्रमिकों ने स्थायी रोजगार की गारंटी, ठेका प्रथा पर रोक, समान काम के लिए समान वेतन, फिक्स्ड टर्म रोजगार समाप्त करने, सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक तथा आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म करने की मांग भी की। इसके साथ ही महंगाई पर नियंत्रण, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती तथा श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा लाभ सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई।
हड़ताल में शामिल श्रमिक नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन श्रमिक हितों की रक्षा के लिए किया गया है और यदि सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा। पम्पलेट में संयुक्त किसान मोर्चा की मांगों का समर्थन भी व्यक्त किया गया है, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी और कर्जमाफी जैसी मांगें शामिल हैं।
हड़ताल के कारण कंपनी के उत्पादन कार्य पर आंशिक प्रभाव पड़ने की जानकारी मिली है। हालांकि प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
औद्योगिक क्षेत्र में इस हड़ताल को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है और श्रमिक संगठनों की आगामी रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।









