बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
प्रतिबंधित नशे के खिलाफ बस्तर पुलिस का बड़ा एक्शन
जगदलपुर। पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के नेतृत्व मेें बस्तर पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ अभियान चलाकर नशे के सौदागरों तथा अपराधी तत्वों के विरूद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में प्रतिबंधित अवैध नशीली कैप्सूल की बिक्री करने वाले आरोपी तथा सप्लायर को प्रतिबंधित नशीली दवा ट्रामोडोल के साथ गिरफ्तार करने में बस्तर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आरोपियों से 14 लाख रुपए से भी ज्यादा कीमत की नशीली कैप्सूल्स बरामद की गई है।
बीती शाम बोधघाट थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति गंगामुंडा चौपाटी के पास थैले में अवैध नशीली कैप्सूल बिक्री करने के लिए रखा है तथा ग्राहक का इंतजार कर रहा है। पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के दिशा निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक माहेश्वर नाग के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक अमित देवांगन तथा थाना प्रभारी बोधघाट लीलाधर राठौर के नेतृत्व में अन्य थाना स्टाफ के साथ टीम बनाकर सूचना की तस्दीकी तथा कार्यवाही हेतु तत्काल मुखबिर के बताई गई जगह के लिए रवाना की गई।
एक व्यक्ति को घेराबंदी कर पकड़ा गया जिससे पूछताछ करने पर अपना नाम पता नरेंद्र सिंह ठाकुर पिता गजेन्द्र सिंह ठाकुर, उम्र 36 साल, निवासी भवानी चौक, थाना बोधघाट जगदलपुर निवासी 36 वर्षीय नरेंद्र सिंह ठाकुर पिता भवानी सिंह ठाकुर को पकड़ा गया।तलाशी लेने पर उसके पास से 84 पत्तों में 672 नग प्रतिबंधित ट्रामोडोल नशीली कैप्सूल बरामद हुई। इसका खुदरा मूल्य लगभग 2 लाख 68 हजार 800 रूपए है।पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ये प्रतिबंधित नशीली दवाई नवरंगपुर, उड़ीसा के एक मेडिकल वाले के पास से अवैध रूप से लाकर शहर के युवाओं को बेचता था, सप्लायर के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर टीम द्वारा तत्काल नवरंगपुर, उड़ीसा पहुंचकर आरोपी द्वारा बताए गए लक्ष्मी मेडिकल स्टोर में दबिश दी गई।
वहां बैठे वुन्ना रामाकृष्णा राव से पूछताछ की गई जिसने अपने आप को मेडिकल स्टोर का संचालक बताया। तलाशी लेने पर मेडिकल स्टोर के पीछे बने अस्थाई रसोई घर में रखी अवैध नशीली दवाई ट्रामोडोल 12 डिब्बे में 356 पत्ते कुल 2,848 नग, खुदरा कीमत 11 लाख 39 हजार 200 रुपए को जप्त कर आरोपी वुन्ना रामाकृष्णा राव पिता भिलाचमन स्वामी राव, उम्र 61 साल, निवासी नव रंगपुर, जिला नवरंगपुर को भी हिरासत में ले लिया गया। 13 फरवरी को दोनों आरोपियों को विशेष न्यायालय एनडीपीएस में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है। इस रैकेट का भंडाफोड़ करने में थाना प्रभारी निरीक्षक लीलाधर राठौर, उप निरीक्षक ललित नेगी, प्रमोद ठाकुर, लोकेश्वर नाग
सहायक उप निरीक्षक दिनेश उसेंडी, प्रधान आरक्षक अहिलेश नाग, सुनील मनहर, बलराम कश्यप, आरक्षक भैरव सिन्हा, युवराज ठाकुर, होरीलाल, राम ठाकुर, अजीत सरकार, मानकू कोर्राम, महिला आरक्षक तिलोत्तमा कश्यप आदि का योगदान रहा।









