रायपुर संवाददाता – रघुराज
संस्कारों की छांव में सजेगा ‘कुटुंब प्रबोधन’ का अनूठा आयोजन, बिखराव रोक रिश्तों को जोड़ने की पहल
रायपुर। आधुनिकता की चकाचौंध और पश्चिमी संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के बीच भारतीय पारिवारिक मूल्यों को सहेजने के उद्देश्य से आगामी 14 फरवरी को राजधानी के शिवानंद नगर में एक भव्य ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ का आयोजन किया जा रहा है। कुटुंब प्रबोधन, रायपुर महानगर द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम शारदा सामुदायिक भवन (बिजली ऑफिस के पीछे) में शाम 7 बजे से 9 बजे तक संपन्न होगा।
संस्कृति और संस्कारों का संगम
आयोजन समिति के रमेश कुमार अग्रवाल (दाऊ जी) और भूपेन्द्र कोठारी ने बताया कि आज के दौर में जहाँ संयुक्त परिवार की अवधारणा क्षीण होती जा रही है, वहाँ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना अनिवार्य हो गया है। सनातन धर्म में माता-पिता को प्रत्यक्ष देवता माना गया है। इसी भाव को जागृत करने के लिए ‘मातृ पितृ देवो भव:’ के संकल्प के साथ यह आयोजन किया जा रहा है।
दो चरणों में होगा भावुक पूजन उत्सव
कार्यक्रम की रूपरेखा अत्यंत मर्मस्पर्शी रखी गई है, जिसे दो मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है:
* प्रथम चरण: इसमें उपस्थित प्रबुद्ध नागरिक और युवा अपने माता-पिता का शास्त्रोक्त विधि-विधान से पूजन करेंगे। यह दृश्य भावी पीढ़ी के लिए एक जीवंत उदाहरण पेश करेगा।
* द्वितीय चरण: इस चरण में बच्चे अपने माता-पिता का पूजन करेंगे। इसका उद्देश्य बच्चों के कोमल मन में अपने माता-पिता के प्रति कृतज्ञता, सम्मान और सेवा का भाव अंकुरित करना है।
सामूहिक सहभोज और मेल-मिलाप
पूजन कार्यक्रम के समापन के पश्चात सभी आगंतुकों के लिए ‘भोजन प्रसादी’ की विशेष व्यवस्था की गई है। आयोजकों का मानना है कि साथ बैठकर भोजन करने से आत्मीयता बढ़ती है और सामाजिक समरसता को बल मिलता है। आयोजन समिति ने रायपुर के समस्त धर्मप्रेमियों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के साथ इस संस्कारमयी उत्सव में सम्मिलित होकर अपनी आने वाली पीढ़ी को भारतीय संस्कृति का अनमोल उपहार प्रदान करें।
यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की बिखरती कड़ियों को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। यदि आप भी अपने परिवार में संस्कारों की सुगंध फैलाना चाहते हैं, तो 14 फरवरी की शाम शिवानंद नगर के इस पावन उत्सव का हिस्सा अवश्य बनें।









