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नन्हें हाथों में कमान: हात्मा हाई स्कूल में छोटे छोटे बच्चों ने खुद रचा विदाई का यादगार मंच

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​बडेराजपुर (कोंडागांव): ग्राम हात्मा के शासकीय हाई स्कूल में वरिष्ठ छात्रों के लिए विदाई समारोह का एक अनूठा और भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि पूरे मंच का संचालन और प्रबंधन स्वयं स्कूली बच्चों ने संभाली, जिससे उनकी नेतृत्व क्षमता की झलक देखने को मिली।

​पंचतंत्र की कहानियों से परीक्षा की तैयारी
​कार्यक्रम के दौरान श्री संदीप कुमार सेन ने बच्चों में जोश भरते हुए पंचतंत्र की प्रसिद्ध कहानियाँ—’चार दोस्त’, ‘दो तोते’ और ‘दृढ़ इच्छाशक्ति’ सुनाई। उन्होंने इन कहानियों के माध्यम से समझाया कि कैसे एकता, सही संगति और मजबूत इरादों से किसी भी कठिन परीक्षा को जीता जा सकता है। उन्होंने छात्रों को परीक्षा के तनाव से मुक्त होकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का मंत्र दिया।

​अतिथियों ने दीं नैतिक और सामाजिक सीख
​समारोह में उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने बच्चों को जीवन के अनमोल सूत्र दिए:
​श्री फुलसिंग समरथ (सरपंच) व श्री निखिलेश मरकाम (उपसरपंच): ने बच्चों को अनुशासन और गाँव के विकास में अपनी शिक्षा का योगदान देने की सीख दी।
​श्रीमती शांति मरकाम (पूर्व जनपद अध्यक्ष): ने छात्राओं को सशक्त बनने और समाज में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया।

​श्री रमेश नेताम (SMDC अध्यक्ष) व वरिष्ठ जन (श्री मालो राम नेताम, श्री राम विलास विश्वकर्मा, श्री छेदीलाल मरकाम, श्री बाल सिंग मरकाम): ने बच्चों को अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहकर बड़ों का सम्मान करने की नैतिक शिक्षा दी।

​गुरुजनों का मार्गदर्शन
​संस्था के प्राचार्य श्री छत्रपाल सिंग सोरी और वरिष्ठ व्याख्याता श्री गणेश राम गंधर्व ने विदा हो रहे छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना की। शिक्षक श्री झगेश्वर गौर, श्रीमती प्रतिमा बड़ा, श्री हरिश्चंद्र मरकाम, श्री विनय यदु और श्री OP सेन ने छात्रों को ज्ञान की निरंतरता बनाए रखने और एक जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया।

​नेवता भोजन के साथ समापन
​कार्यक्रम का समापन अत्यंत सौहार्दपूर्ण रहा, जहाँ शासन की मंशा के अनुरूप ‘नेवता भोजन’ की विशेष व्यवस्था की गई थी। सभी अतिथियों, शिक्षकों और बच्चों ने एक साथ बैठकर भोजन ग्रहण किया, जो आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक बना।

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