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प्रशासनिक आतंक के खिलाफ कुसमी में जनसैलाब, किसान की मौत पर बाजार बंद, कांग्रेस का उग्र धरना

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-एसडीएम-तहसीलदार पर गंभीर आरोप — कल एसडीएम करुण डहरिया व तीन सिविलियन साथियों पर FIR दर्ज, 10 सदस्यीय जांच समिति गठित

युसूफ खान/बलरामपुर/कुसमी-

बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम हांसपुर में कथित प्रशासनिक मारपीट से एक किसान की मौत के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। घटना के विरोध में नगर पंचायत कुसमी बस स्टैंड के समीप कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। साथ ही सांकेतिक दुकान-बाजार बंद कराकर प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एसडीएम करुण डहरिया, तहसीलदार कुसमी तथा उनके साथ मौजूद सिविलियन साथियों द्वारा किसान के साथ मारपीट की गई, जिसके चलते उसकी मौत हो गई, जबकि दो अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना को लेकर क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है और किसान-आदिवासी समाज में भय व रोष का माहौल बना हुआ है।

धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारियों का “आतंक” चरम पर है और आम किसान-आदिवासी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने राज्य सरकार से दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सफी अहमद ,पूर्व विधायक डॉ. प्रीतम राम, कांग्रेस नेता दानिश रफीक, जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, किसान, आदिवासी समाज के प्रमुख एवं आमजन उपस्थित रहे।

एसडीएम व तीन सिविलियन साथियों पर FIR दर्ज
मामले ने तूल पकड़ा तो प्रशासन हरकत में आया। प्राप्त जानकारी के अनुसार कल कुसमी एसडीएम करुण डहरिया तथा उनके तीन सिविलियन दोस्तों के विरुद्ध पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रकरण में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद भी परिजनों व कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी व निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित
घटना की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी, रायपुर द्वारा 10 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर गठित समिति के संयोजक पूर्व मंत्री अमरजीत भगत बनाए गए हैं।

समिति में डॉ. प्रीतम राम, पारसनाथ राजवाड़े,सफी अहमद, मानूप्रताप सिंह, डॉ. अजय तिर्की, विजय पैकरा, राजेन्द्र तिवारी, राकेश गुप्ता तथा हरिहर प्रसाद यादव को सदस्य बनाया गया है। समिति को शीघ्र ग्राम हांसपुर पहुंचकर मृतक परिवार, घायलों, ग्रामीणों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा कर तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

राजनीतिक सरगर्मी तेज
मामले की सूचना एआईसीसी व प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं को भी प्रेषित की गई है, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन जिला स्तर से प्रदेश स्तर तक उग्र रूप ले सकता है।

कुसमी का हसपुर कांड अब प्रशासन बनाम जनआक्रोश की बड़ी लड़ाई बनता दिख रहा है। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी क्षेत्र की निगाहें अब गिरफ्तारी, निलंबन और जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

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