महाराष्ट्र में मुसलमानों का आरक्षण खत्म हो गया है। देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) सरकार ने मुसलमानों को बड़ा झटका देते हुए 5% आरक्षण से जुड़ा पुराना फैसला रद्द कर दिया है। सरकार के इस फैसले का AIMIM ने विरोध किया है। प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज जलील ने सरकार पर तंज कसते हुए इसे मुसलमानों के लिए रमजान का तोहफा बताया।
इम्तियाज जलील ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- महाराष्ट्र सरकार ने मुसलमानों को रमजान का एक तोहफा दिया है। सरकार ने 5% आरक्षण को खत्म करने की घोषणा कर दी है। जलील ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह तब दिया गया जब हाई कोर्ट ने कहा था कि मुसलमानों में पढ़ाई दर छोड़ने की दर सबसे ज्यादा है। इसके बाद भी सरकार ने मुसलमानों को दिए जाने वाले 5% आरक्षण को खत्म कर दिया। इसके बाद भी हम अपने लड़के-लड़कियों से कहेंगे कि पढ़ाई न छोड़ें।
महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले के अनुसार, अब कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में इस 5% आरक्षण के तहत प्रवेश नहीं मिलेगा। नई जाति प्रमाणपत्र या वैधता प्रमाणपत्र जारी नहीं किए जाएंगे, और पहले जारी सभी संबंधित आदेश अब प्रभावी नहीं रहेंगे। ऐसे में मुसलमान युवाओं के सामने एक बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। माना जा रहा है कि सरकार के इस फैसले के खिलाफ आने वाले समय में AIMIM और अन्य विपक्षी पार्टियां विरोध प्रदर्शन शुरू कर सकती हैं।









